बरेली, 13 नवंबर (आरएनएस )समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को अत्यंत गंभीरता और सावधानी से लेना चाहिए। पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि हर मतदाता का नाम सूची में जुड़वाएं और किसी का वोट छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची ही लोकतंत्र की नींव है, इसलिए इसे मजबूत बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है।गुरुवार को बरेली में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे घर-घर जाकर लोगों को एसआईआर के प्रति जागरूक करें, फॉर्म भरने में सहायता करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी का नाम वोटर लिस्ट से कटने न पाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर से डरना नहीं है, डटे रहना है। अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने और उसे सही रखने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है, लेकिन आयोग की कार्यप्रणाली इतनी जटिल है कि आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती आम लोगों से होती है, जिनमें बहुत से गरीब या कम पढ़े-लिखे हैं। इसलिए चुनाव आयोग को अपनी प्रक्रिया सरल और जनसुलभ बनानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग अक्सर अपना मूल कार्य छोड़कर राजनीतिक दलों को परेशान करने का प्रयास करता है।समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी नया विजन और न्यू इंडिया के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। नई पीढ़ी के भविष्य के लिए योजनाएं बन रही हैं। समाजवादी पार्टी हर जिले और हर शहर के लिए अलग-अलग चुनाव घोषणा पत्र तैयार करेगी, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास की रूपरेखा बन सके।एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने बिहार की राजनीति पर कहा कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं, इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री की कुर्सी हिलती है, तो वे कम्युनल भाषा बोलने लगते हैं। समाज को बांटकर अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश करते हैं। इतिहास और तथ्यों से उनका कोई सरोकार नहीं, उनका मकसद सिर्फ समाज में विभाजन पैदा करना है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को देश के विकास, रोजगार या नौकरियों से कोई मतलब नहीं है। वह जनता को एसआईआर, हिन्दू-मुस्लिम और अन्य गैरजरूरी मुद्दों में उलझाकर रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारे स्कूली दिनों में हम रोज़ ‘जन गण मनÓ, ‘वंदे मातरम्Ó और ‘सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमाराÓ गाते थे। लेकिन भाजपा महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए हर दिन नया मुद्दा गढ़ती है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार जनता और विपक्ष के सवालों के जवाब देने से बचती है। मैंने सरकार से कई बार पूछा कि 2014 में जब भाजपा केंद्र की सत्ता में आई थी तब देश का क्षेत्रफल कितना था और अब कितना है—लेकिन सरकार जवाब नहीं देती। इसी तरह, जिन लोगों को पांच किलो राशन मिल रहा है, उनकी प्रति व्यक्ति आय कितनी है, इसका भी कोई डेटा सरकार के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है। चीन हमारे बाजारों पर कब्जा कर रहा है और सीमाओं पर घुसपैठ कर रहा है, लेकिन सरकार इस पर भी चुप है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जनता का भरोसा खो चुकी है, घबराई हुई है, और अब वह विभाजन की राजनीति के सहारे खुद को बचाने की कोशिश कर रही है।
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