सोहावल-अयोध्या 13 नवंबर (आरएनएस )। तहसील क्षेत्र गोड़वा गांव निवासी पूर्व प्रधान ओम प्रकाश मिश्र द्वारा आयोजित श्री मद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा का आयोजन में अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य रंगनाथ शांड्ल्यि रंगम ने कथा के पाचवें दिन बताया कि बच्चों का जीवन दो स्थितियों पालन होता है। प्रभाव के साथ स्वभाव से किया गया पालन विलासिता की ओर ले जाता है।अभाव के साथ स्वभाव में पलने वाले बालक सदगुणी के साथ होनहार होते हैं। कथा व्यास ने त्रेता में राम तथा द्वापर में कृष्ण का अवतार का उदाहण देते हुए कहा कि दोनों में पालन पोषण प्रभाव के साथ स्वभाव में के बदले अभाव के साथ स्वभाव में होने से भगवान कहलाए। व्यास ने कहा कि राजा दशरथ एक राजा थे। चाहते तो लालन पालन प्रभाव एवं स्वभाव में कर सकते थे। कृष्णावतार में बाबा नंद और यशोदा मां ने भी अभाव के साथ स्वभाव में पालन पोषण किया। जिसका प्रभाव रहा कि वाल्यकाल से ही राक्षसों का बध कर धरती मां को पापियों से मुक्त कराया। भक्त जनो को प्रेरित करते हुए व्यास ने कहा कि अधिकतर मातायें अपने बच्चों को पद एवं धन के प्रभाव से पालन पोषण करने से शिक्षा दीक्षा के स्थान पर विलासिता की ओर बढ़ रहे हैं। जिसके कारण आने वाली पीढिय़ों के लिए कष्ट दायक साबित हो सकता है। पद प्रतिष्ठा धन का प्रभाव छोड़कर स्वभाव से पालन पोषण करें। जिससे आने वाली पीढियां देश और समाज में नाम रोशन करें।
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