डाला/सोनभद्र 13 नवंबर (आरएनएस )। सभासदों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में लगाया गया आरोप निराधार है नपं क्षेत्र में हो रहे कार्य सभासदों के प्रस्ताव पर ही होते हैं कार्यों की शिथिलता के जिम्मेदार अधिशासी अधिकारी हैं। उक्त बातें प्रेस कांफ्रेंस में वृहस्पतिवार को नपं अध्यक्ष फुलवंती गोड़ ने कही।
नपं कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नपं अध्यक्ष ने कहा कि मेरे द्वारा अनर्गल रुप धनार्जन की मंशा को पूरा नहीं करने की सहमति पर अधिशासी अधिकारी की बातों में आकर सभासद लामबंद हो गए और उन्होंने जो भी आरोप लगाया है वह बेबुनियाद व निराधार है। सभासदों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए मुझ पर दबाव भी बनाया गया जिसे हमने स्वीकार नहीं किया।नपं क्षेत्र के सभी वार्डों में जो विकास कार्य हो रहा है वह सभासदों के प्रस्ताव पर ही पास होकर हो रहा है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव आने के बाद विकास कार्यों का खागा तैयार कर पास होने के बाद निष्पक्ष टेंडर प्रक्रिया निकाली जाती है। पूर्व में बोर्ड बैठक के दौरान जब सभासदों को बुलाया जाता था तो विरोध करने वाले सभासद बैठक में शामिल होने नहीं आते थे जिसके कारण कई बार बैठक टल गई।
बीते सितंबर माह में बोर्ड बैठक 22 सितंबर को रखी गई थी लेकिन सभासदों के कहने पर व लिखित पत्र देने के बाद उक्त बैठक टालकर 23 सितंबर को नपं कार्यालय के सभागार में सभी सभासदों की उपस्थिति में संपन्न हुई थी उस बैठक में जो प्रस्ताव दिए गए थे उसकी कार्य-योजना कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा अनुमोदन के लिए मेरे पास अभी तक नहीं पहुंची। कार्यों में जो भी शिथिलता है उसके जिम्मेदार इओ हैं नपं क्षेत्र में सड़क व नाली के 22 कार्यों का टेंडर हुए कई महिनें बीत गए हैं लेकिन इन 22 कार्यों में केवल एक ही कार्य अभी तक पूरा हो सका है बार बार कहने के बाद भी कुछ कार्य अभी तक नहीं शुरू किए गए हैं जबकि समय से कार्य शुरू कराने व समय से कार्यों को पुरा कराने की जिम्मेदारी इओ की है। इओ द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों से लाभ लेने के चक्कर में भी विकास कार्यों को गति नहीं मिल पाती है। मेरे द्वारा कोई भी नपं क्षेत्र में कार्य मनमानी तरिके से नहीं कराया जाता सभी कार्य नियमानुसार सभासदों के प्रस्ताव पर ही होते हैं। पूर्व के अधिशासी अधिकारियों के साथ नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से हो रहा था कभी भी किसी प्रकार की समस्या नहीं उत्पन्न होती थी लेकिन जब से वर्तमान इओ आए हैं तबसे इनके द्वारा नेतागिरी की जा रही है जबकि एक अधिकारी का कर्तव्य विकास कार्यों की योजना तैयार कर विकास को गति प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि वाराणसी शक्तिनगर मार्ग से चुड़ी गली में बनाई जा रही नाली को सही स्थान पर नहीं बनाकर सड़क पर बनाया जा रहा था जिसकी शिकायत मिलते ही मेरे द्वारा निरीक्षण कर सड़क की नापी कराने के बाद ही नाली निर्माण कराए जाने का निर्देश दिया गया था इसके वावजूद अधिशासी अधिकारी द्वारा मेरे जाने के बाद उस काम को अपने चहेते ठेकेदार से शुरू करा दिया गया जो नियमानुसार गलत है। उन्होंने यह भी बताया कि अष्टकोणीय लाईट लगाने के लिए बजट पास हो गया है टेंडर भी हो गया है मेरे द्वारा स्वीकृति भी दे दी गई है इसके बावजूद पता नहीं किन कारणों से अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका।
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