लालगंज, प्रतापगढ़ 13 नवंबर (आरएनएस )। विकासखण्ड लक्ष्मणपुर अन्र्तगत कोठार मंगोलपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर गुरूवार को कथाव्यास ओमानंद जी ने सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष की कथा विस्तार से सुनाई। भागवत कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर दिखे। मुख्य आयोजक डा0 हरिश्चंद्र के संयोजन में चल रही कथा में कथाव्यास ओमानन्द जी महराज ने श्रीकृष्ण सुदामा मित्रता की कथा सुनाते हुए कहा कि इनकी सच्ची मित्रता नि:स्वार्थ प्रेम और भक्ति का मजबूत संदेश दिया करती है। कथाव्यास ओमानंद जी महराज ने कहा कि पत्नी के कहने पर सुदामा अपने बालसखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे। मित्र सुदामा के आने का संदेश सुनकर भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव दौड़ पड़े। कथाव्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने अपने महल में बालसखा सुदामा का आवभगत किया और सुदामा द्वारा लाये गये दो मु_ी चावल को खाकर बदले में उन्हें दो लोक प्रदान कर दिया। कथाव्यास ओमानंद जी महराज ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा को सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के लिए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हुआ करता है। आयोजक डा0 हरिश्चंद्र शुक्ल व सरोज शुक्ला ने वैदिक मंत्रोचार के बीच व्यासपीठ का पूजन किया। आयोजन समिति के विशम्भरनाथ शुक्ल, प्रतीक शुक्ल ने महाप्रसाद वितरण कराया। इस मौके पर उमेश शुक्ल, रमेशचंद्र तिवारी, समाजसेवी संजय शुक्ल, डा0 राजेन्द्र शुक्ल, अजब नारायण शुक्ल, शिवमूर्ति शुक्ल, रविशंकर, राजकुमार, राकेश, शीतला प्रसाद, अनिल शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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