आजमगढ़ 13 नवम्बर(आर एन एस) जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण/पर्यावरण/गंगा/वेटलैंड एवं वन बंदोबस्त समिति की बैठक आयोजित की गई।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को पिछले वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों का शत प्रतिशत जियो टैगिंग एवं जीवित रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी वर्ष के वृक्षारोपण के लिए 25 प्रतिशत अधिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसलिए सभी संबंधित विभाग अपने पिछले दिए गए लक्ष्य में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए वृक्षारोपण के लिए जमीनों का चिन्हांकन करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग वृक्षारोपण के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर एक माह के अंदर भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे वाली जमीनों एवं अभिलेखों में खाली जमीनों को वृक्षारोपण के लिए चिन्हित करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम चौपाल के माध्यम से वृक्षारोपण के लिए जन सामान्य को जागरूक करें।जिलाधिकारी ने जिला गंगा समिति की बैठक में एसटीपी एवं एफएसटीपी के संचालन, तमसा नदी के जल की गुणवत्ता एवं उसमें गिरने वाले नालों के जल के लैब टेस्ट रिपोर्ट की समीक्षा की तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी को सप्ताह में तीन दिन जनपद में बैठने के लिए निर्देशित करें।जिलाधिकारी ने कहा कि तमसा नदी की सहायक नदियां, जिनके किनारे चंद्रमा ऋषि, दुर्वासा धाम तथा दत्तात्रेय का आश्रम स्थापित है, उन नदियों के पुनरुद्धार हेतु चयन किया जाए।वेटलैंड समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में चकबंदी के अधीन वेटलैंड की जमीन को चकबंदी प्रक्रिया से बाहर कर उनका सीमांकन प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेटलैंड समिति की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे को अतिक्रमण मुक्त कराना सुनिश्चित करें।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, डीएफओ सुश्री आकांक्षा जैन, डीसी मनरेगा रामउदरेज यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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