गोवंश संरक्षण, दुग्ध उत्पादन व गोबर प्रोडक्ट से किसानों की आय दोगुनी करने का आह्वान
बाराबंकी 13 नवंबर (आरएनएस)। प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गोवंश हमारी संस्कृति का आधार हैं और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत कड़ी भी। उन्होंने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कहा कि राज्य सरकार गोवंश संरक्षण, दुग्ध उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह गाय के गोबर से विभिन्न उत्पाद बनाकर अपनी आय बढ़ाएं। गोबर से जैविक खाद तैयार कर खेतों में प्रयोग किया जा सकता है, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ेगी और रासायनिक खादों पर निर्भरता घटेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद में गोबर आधारित उत्पाद निर्माण की योजना तैयार कर उसे मिशन मोड में लागू किया जाए। मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गोवंश संरक्षण कार्य में संवेदनशीलता सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज, ग्राम विकास, राजस्व और नगर निकाय विभागों से समन्वय बनाकर हरा चारा, भूसा, टीनशेड, विद्युत आपूर्ति, पेयजल और सर्दी से बचाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन भी अपनाना चाहिए। चारागाह भूमि पर हरा चारा लगाकर गोवंश के लिए चारे की निरंतर आपूर्ति हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अधिक से अधिक गोवंश सुपुर्दगी में दिया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ी है बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार मिला है। मंत्री ने चेतावनी दी कि गोवंश देखभाल में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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आत्मनिर्भर प्रदेश बना यूपी
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश अब आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले यूपी में अंडे बाहर से मंगवाने पड़ते थे, परंतु अब प्रदेश में ही दो करोड़ अंडों का उत्पादन हो रहा है। इसी तरह निराश्रित गोवंश संरक्षण के लिए राज्य में 500 मोबाइल वैन संचालित हैं। प्रत्येक एक लाख गोवंश पर एक वैन तैनात है, जो एक घंटे के भीतर राहत पहुंचाती है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, प्रशिक्षु आईएएस तेजस के, अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल कुमार अवस्थी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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गोसंरक्षण केंद्र व फार्म का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद मंत्री धर्मपाल सिंह ने शहर से सटे बंकी स्थित बृहद गोसंरक्षण केंद्र नेबलेट का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने गायों को गुड़-चना खिलाया और निर्देश दिए कि कमजोर पशुओं को पौष्टिक आहार व हरा चारा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पशु आहार स्टॉक व वर्मी कंपोस्ट खाद निर्माण का भी अवलोकन किया तथा अधिकारियों से केंद्र में छायादार वृक्ष लगाने और मृत गोवंश की सही तरीके से दफन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री ने चक गंजरिया फार्म का निरीक्षण किया, जहां 982 पशु संरक्षित है जिसमें 141 दुधारू गाये है। उन्हें बताया गया कि फार्म से प्रतिदिन 650 लीटर दूध का उत्पादन होता है जिसे टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से बेचा जाता है। मंत्री ने स्टॉक रजिस्टर, दूध उत्पादन रजिस्टर व कृत्रिम गर्भाधान लैब का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने बर्ड हाउस का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब मंत्री ने अधिकारियों से मानक के अनुरूप पशु आहार की मात्रा के बारे में पूछा तो संबंधित अधिकारी सही आंकड़े नहीं बता सके। इस पर मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि पशुओं को आहार मानक के अनुरूप ही दिया जाए।
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