रायपुर 27 जून (आरएनएस) दिन में कॉलोनियों की रेकी, रात होते ही सूने मकानों पर धावा और चोरी की बाइक पर फर्राटा… लेकिन आखिरकार पुलिस की तकनीकी घेराबंदी ने शातिर गैंग का खेल खत्म कर दिया। रायपुर पुलिस ने आवासीय कॉलोनियों में लगातार चोरी और वाहन चोरी की वारदातों से दहशत फैलाने वाले गिरोह के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके साथ अब तक तीन आरोपी गिरफ्त में आ चुके हैं और पुलिस ने कुल आठ मामलों का पर्दाफाश करते हुए करीब 8.50 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।
मामला थाना डी.डी. नगर और राखी क्षेत्र का है, जहां गिरोह ने 05 सूने मकानों में नकबजनी और 03 दोपहिया वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना डी.डी. नगर पुलिस की संयुक्त जांच में पहले सिद्धार्थ सिंह उर्फ सिद्धू (26) को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद तकनीकी विश्लेषण, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपी आशुतोष सिंह उर्फ सूरज (22) निवासी रमरेपुर, थाना धानापुर, जिला चंदौली (उत्तर प्रदेश), हाल पता- एकता नगर सोनडोंगरी, कबीर नगर रायपुर तथा साहिल सोनकर (20) निवासी पावर हाउस कैम्प, थाना छावनी, जिला दुर्ग, हाल पता- स्टेशन चौक लोधीपारा, गंज रायपुर को दबोच लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने सिद्धार्थ के साथ मिलकर चोरी की वारदातें कबूल कर लीं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवरात तथा वारदात में इस्तेमाल की गई 02 एक्टिवा जब्त की हैं, जिनकी कीमत करीब 4.50 लाख रुपये बताई गई है। पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4), 305(ए), 303(2), 3(5) और संगठित अपराध की धारा 111 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि गिरोह चोरी की बाइकों पर कॉलोनियों में घूमकर पहले सूने मकानों की पहचान करता था और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देता था।
बहरहाल, शातिर अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से वारदात करें, तकनीकी जांच और पुलिस की पैनी नजर से बच निकलना अब आसान नहीं रहा।




