बस्तर-जगदलपुर, 1 जुलाई (आरएनएस ) समाज की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की मजबूत परंपरा को दशकों तक अपने कंधों पर निभाने वाले बस्तर पुलिस के तीन अनुभवी अधिकारियों को मंगलवार को सेवानिवृत्ति पर पूरे सम्मान और गरिमा के साथ विदाई दी गई। करीब 35 से 39 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता से सेवा देने वाले एक निरीक्षक, एक उप निरीक्षक और एक सहायक उप निरीक्षक ने अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने के बाद पुलिस विभाग से विदा ली।
पुलिस कार्यालय में आयोजित गरिमामय विदाई समारोह में पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति आजीवन समर्पण का दायित्व है। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों की उत्कृष्ट सेवाओं की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण भविष्य की कामना की।
समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्जुन कुर्रे, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित धोत्रे, उप पुलिस अधीक्षक सुसंता लकड़ा, उप पुलिस अधीक्षक जयराम चेरमाको, रक्षित निरीक्षक अभिजीत सिंह भदौरिया सहित पुलिस विभाग के राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान का सम्मान किया।
सेवानिवृत्त अधिकारियों में निरीक्षक सुखराम पंथ, उप निरीक्षक मुन्ना राम भारद्वाज और सहायक उप निरीक्षक परसादी सिंह राज शामिल हैं। तीनों अधिकारियों ने अपने लंबे सेवा काल में बस्तर संभाग के विभिन्न संवेदनशील जिलों में कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिसिंग करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए समय-समय पर दर्जनों प्रशंसा पत्र और नगद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
विदाई समारोह के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन वरिष्ठ अधिकारियों का अनुशासन, ईमानदारी और कार्यशैली नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगी। भावुक माहौल में सभी ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ सम्मानपूर्वक विदाई दी,करीब चार दशक तक वर्दी का मान बढ़ाने वाले इन तीनों अधिकारियों की सेवा यात्रा भले ही आज औपचारिक रूप से समाप्त हो गई हो, लेकिन उनकी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण की मिसाल बस्तर पुलिस के इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।







