0 विधानसभा घेराव की चेतावनी
रायपुर, 06 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के ठेकेदारों ने लंबित भुगतान को लेकर सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के मुख्यालय नीर भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। ठेकेदारों का आरोप है कि काम पूरा हुए दो-दो साल बीत जाने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया गया है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का दावा है कि विभाग पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये का बकाया लंबित है। उनका आरोप है कि जल जीवन मिशन के संचालक लगातार नए-नए नियम लागू कर भुगतान रोक रहे हैं और कई पूर्ण हो चुके कार्यों का हैंडओवर भी नहीं होने दिया जा रहा है।
0 भुगतान नहीं मिलने से 3 ठेकेदारों के आत्महत्या का दावा
ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि 8 जून को प्रतिनिधिमंडल ने मिशन संचालक अब्दुल कैशर हक से मुलाकात कर 30 जून तक भुगतान का आश्वासन मिलने पर आंदोलन स्थगित किया था। लेकिन तय समय तक समाधान नहीं हुआ। संघ का दावा है कि आर्थिक तंगी से परेशान तीन ठेकेदारों ने आत्महत्या कर लिया, जिसके बाद आंदोलन का निर्णय लिया गया।
0 पुलिस से धक्का-मुक्की, नीर भवन के बाहर हंगामा
प्रदर्शन के दौरान नीर भवन का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। अंदर जाने की कोशिश कर रहे ठेकेदारों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। अतिरिक्त संचालक ओंकेश चंद्रवंशी बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने संचालक से सीधे चर्चा की मांग करते हुए उन्हें वापस भेज दिया।
0 ठेकेदार की विधवा भी पहुंची प्रदर्शन में
खैरागढ़ के ठेकेदार गणेश्वर जंघेल की पत्नी अपनी मासूम बच्ची के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि बकाया भुगतान नहीं मिलने से उत्पन्न आर्थिक संकट के कारण उनके पति ने आत्महत्या की और इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
विधानसभा घेराव की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में अतिरिक्त संचालक ने बताया कि मिशन संचालक बिलासपुर दौरे पर हैं और बकाया भुगतान को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया। इसके बाद ठेकेदार संघ ने घोषणा की कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगामी मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
हालांकि, ठेकेदारों द्वारा लगाए गए आरोपों पर पीएचई विभाग या जल जीवन मिशन के संचालक की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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