नारायणपुर, 14 नवम्बर (आरएनएस)। अबूझमाड़ जैसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जाटलूर में नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया है। कैंप स्थापित करने से पहले सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा वर्षों से बनाए गए बड़े स्मारक को ध्वस्त कर दिया, जिसे इस क्षेत्र में नक्सली प्रभाव का अहम प्रतीक माना जाता था।
संयुक्त अभियान DRG, बस्तर फाइटर्स और ITBP ने चलाया। अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद रणनीतिक प्लानिंग और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर सफल हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में अबूझमाड़ क्षेत्र में 16 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन कैंपों के कारण नक्सली गतिविधियों में कमी आई है और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच तेजी से बढ़ रही है।
जाटलूर में स्थापित नया सुरक्षा कैंप केवल सुरक्षात्मक चौकी नहीं बल्कि जन-सुविधा केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। यहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, संचार सुविधा, आपातकालीन सहायता और बुनियादी जरूरतों के कई विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे क्षेत्र के निवासियों को सुरक्षा के साथ विकास की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने माना कि नक्सल स्मारक का हटना अबूझमाड़ में संवैधानिक व्यवस्था और शांति की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कैंप नक्सलियों के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगे और पहाड़ी इलाकों में विकास की नई राहें खोलेंगे।
बंछोर
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