रायपुर, 14 नवंबर (आरएनएस)। छग मप्र एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में इन दिनों नकली दवाई बनाने वाली कंपनियों द्वारा मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है जहां मप्र, राजस्थान एवं छग में मासूम बच्चों की जहरीले सीरप से मौत हुई है वहीं शासकीय चिकित्सालय में की गई अमानक दवाईयों की सप्लाई से विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। दवाईयां या तो असर नहीं कर रही है अथवा ग्लूकोज की घटिया आपूर्ति से मरीज को ठंड अथवा कपकंपी का सामना करना पड़ रहा है। तीनों राज्यों के शासकीय चिकित्सालयों के चिकित्सक बार बार उक्त दवाईयों को वापस लेने की शासन से मांग कर रहे हैं। कुछ दवाईयां वापस हुई है। उक्त मुद्दे पर शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छग शासन को उन कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जिनकी घटिया दवाईयों के चलते मरीजों को मौत का सामना करना पड़ा एक गर्भवती महिला की मृत्यु भी अमानक दवाई के चलते हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से उक्त कंपनियां जिन्होंने अमानक दवाईयां आपूर्ति की है। उन्हें ब्लेक लिस्टेड करने की मांग की है। कार्रवाई काफी धीमी गति से चल रही है। छग मेडिकल कार्पोरेशन में पदस्थ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
संदीप
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