2739 धान खरीदी केंद्रों में 25 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा
सहकारी बैंकों के माध्यम से त्वरित भुगतान की व्यवस्था
मार्कफेड नोडल एजेंसी, 40 करोड़ से अधिक का भुगतान करना होगा किसानों को
15 और 16 नवंबर अवकाश होने के कारण 17 से शुरू होगी खरीदी
रायपुर, 14 नवंबर (आरएनएस)। छग में धान खरीदी उत्सव 15 नवंबर से शुरू हो रहा है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार 15 और 16 को अवकाश होने के कारण यह खरीदी 17 से शुरू हेागी। शासन ने मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। राज्य में करीब 25 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन हो चुका है। समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के लिए मार्कफेड 40 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान करेगा। प्राथमिक सहकारी समितियों के प्रबंधक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर चले गये हैं। जिसके चलते धान खरीदी प्रभावित होने की संभावना है।
अपेक्स बैंक, मार्कफेड एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में धान खरीदी उत्सव सबसे बड़ा उत्सव है जो कि 15 नवंबर से शुरू हो रहा है। राज्य सरकार के खाद्य विभाग द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पैसा दिया जाता है वहीं सहकारिता विभाग के समितियों द्वारा धान खरीदी एवं परिवहन सहित अन्य कार्य किया जाता है जिले के कलेक्टर इसके मॉनिटरिंग करते हैं। कुल मिलाकर यह कार्य सबसे बड़ा कार्य है जिसमें सरकार का एक तिहाई बजट लग जाता है।
2739 धान उपार्जन खरीदी केंद्र बनाये गये
राज्य में 25 लाख किसानों का पंजीयन हो चुका है यह पंजीयन एग्रीटेक पोर्टल के माध्यम से किया गया है जो कि राजस्व विभाग द्वारा प्रमाणित किया जाता है। राज्य में मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है जिसमें समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए करीब 40 करोड़ से अधिक की राशि लोन ली है। मार्कफेड के द्वारा ही धान का भंडारण परिवहन किया जाता है। कलेक्टर के माध्यम से सभी टेंडर जारी किये गये है हमालों की भर्ती तथा अन्य कार्य कर लिये गये है। राइस मिलरों के पास धान भेजे जाने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग ने राइस मिलरों धान की मिलिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें धान से चावल बनाने के बाद सेंटर पूल में इसे देना होता है जबकि स्टेट पूल मे ंशेष चावल जमा किया जाता है जिसमें से बचे चावल को गरीबों को दो रुपये किलो में बांटा जाता है। एफसीआई और राज्य सरकार चावल तथा धान को लेकर आमने सामने हो जाते है जिसके कारण पेंच लग जाता है।
सहकारी समितियों के कर्मचारी हड़ताल पर
अपेक्स बैंक के अनुसार धान खरीदी के बाद तत्काल भुगतान करने के लिए व्यवस्था बनाई गई है। जिसके तहत बिलासपुर रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर, रायगढ़ एवं अंबिकापुर से धान का भुगतान किसानों को किया जाएगा। धान खरीदी के लिए किसानों का एंग्रीटेक पोर्टल होना अनिवार्य है। राज्य के केंद्रीय सहकारी बैंक के पदाधिकारी के अनुसार समिति प्रबंधकों को नोटिस दे दी गई है कि वे काम पर लौटे। रायपुर में सहकारी समिति के प्रबंधकों को धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। जिसके चलते सहकारी समिति के कर्मचारी उग्र हो गये है। कर्मचारियों ने नियमितकरण करने शेष भुगतान एवं धान के सुखा पड़त के संबंध में जानकारी देने को कहा है। राज्य में इस समय विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में धान की आवक शुरू नहीं हो पा रही है इस वर्ष पानी काफी गिरा है जिसके कारण खेत गिले है। यहां पर हारवेस्टर नहीं उतर पा रहे है। किसान भी अपने हाथों से धान की कटाई नहीं कर पा रहे है। जल्द पकने वाली फसलें काटी जा रही है। धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रानिक तराजू एवं एक लाख गठान बोरों की व्यवस्था की जा रही है।
आर शर्मा
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