भगवा खेमे में जोश, भाजपा विरोधियों दावा बंगाल नहीं चलेगा बिहार वाला जादू
नकुल कुमार मंडल
कोलकाता 14 नवंबर (आरएनएस)। बिहार विधान सभा चुनाव के परिणाम को लेकर वोटों जारी गिनती के बीच बिहार में एनडीए की वापसी एकदम साफ हो गई है। यानी बिहार में एकबार फिर एनडीए सरकार तय है। शुरुआती रुझानों में एनडीए बहुमत के आंकड़े से काफी आगे चली गई है। नीतीश कुमार बिहार में 10वीं बार मुख्यमंत्री का ताज पहन सकते हैं। लेकिन बंगाल में बिहार के चुनाव परिणाम को लेकर सियासी पारा ठण्ड के मौसम में गरम हो गया है। ऐसे में बंगाल में टीम भाजपा में जहां जोश व उल्लास है तो वहीं तृणमूल, भाजपा के जोश को दरकिनार करते हुए कह रही है कि, जो बिहार में हुआ है वह बंगाल में सम्भव नही है। बहरहाल आने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में चुनावी परिदृश्य क्या होगा यह तो समय साक्षेप है। लेकिन बिहार के चुनावी परिणाम से बंगाल ठण्ड के मौसम में सियासी बुखार से तप रहा है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि बिहार में मिले जनता के जनादेश ने एनडीए की विश्वसनीयता पर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव बंगाल के चुनाव में भी देखने को मिलेगा। अमित मालवीय ने कहा कि परिणाम “एनडीए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के लिए बनाए गए कार्यक्रमों के कारण लोगों का भरोसा एनडीए पर बढ़ा है। मालवीय ने कहा कि आजादी के बाद बीजेपी बंगाल में कभी सत्ता में नहीं रह है, लेकिन साल 2021 में हमने जिस तरीके प्रदर्शन किया वह शानदार था। हम तीन सीटों से बढ़कर 77 सीटों पर पहुंच गए। हमारी पार्टी का वोट शेयर भी 40 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा यह नहीं भूलना चाहिए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा ने बंगाल में अपना वोट शेयर बरकरार रखा है। सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी दल नहीं छल है और भाजपा का यह खेल बंगाल और उत्तर प्रदेश में नहीं चल पाएगा। समाजवादी पार्टी के नेता की ही तरह, कांग्रेस के पवन खेड़ा और अशोक गहलोत ने भी इस नतीजे के लिए चुनाव आयोग को साफ़ तौर पर जि़म्मेदार ठहराया है। कांग्रेस सांसद मणिकम ठाकुर ने कहा, बिहार में चुनाव से ठीक पहले सर, ये कर दिया गया। 60 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। यानी कुल मतदाताओं के 10 प्रतिशत के नाम सूची से बाहर कर दिए गए।
इधर तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने ममता बनर्जी के चौथे कार्यकाल की भविष्यवाणी करते हुए कहा, बिहार के नतीजों का बंगाल से कोई संबंध नहीं है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि कांग्रेस भाजपा का विरोध करने में विफल रही। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी 250 से ज़्यादा सीटों के साथ लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार के नतीजों ने एक बार फिर भाजपा का मुकाबला करने में कांग्रेस की अक्षमता को उजागर कर दिया है।टीएमसी नेता ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा, चुनाव आयोग के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल में एसआईआर और अन्य मुद्दों से संबंधित षड्यंत्र रचने का प्रयास करेगी। उन्होंने दावा किया, एजेंसियों और केंद्रीय शक्ति का दुरुपयोग होगा। इसके खिलाफ तृणमूल का आंदोलन जारी रहेगा। जनता तक गहरी पहुंच बनाकर तृणमूल भाजपा की सभी साजिशों को नाकाम कर देगी। भाजपा की बंगाल इकाई पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा कि पार्टी बिहार के नतीजों को पश्चिम बंगाल पर दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की व्यर्थ कोशिश कर रही है।
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