० मामला बड़े प्राइवेट अस्पतालों का
रायपुर, 16 नवंबर (आरएनएस)। राजधानी रायपुर में जहां स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हुआ है। शहर के लगभग हर क्षेत्र में छोटे बड़े अस्पताल निर्मित हुए है जिनके मेडिकल डायरेक्टर्स अपने अस्पतालों में बड़ी बड़ी सुविधाएं होने का दावा करते हैं। वहीं भर्ती मरीजों के साथ राजधानी के कुछ बड़े अस्पतालों में आईसीयू में गंभीर अवस्था में भर्ती मरीजों के परिजनों के साथ लगातार दुव्यर्वहार किये जाने की जानकारियां मिल रही है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधनों द्वारा सुबह शाम आईसीयू भर्ती मरीजों से परिजनों के मिलने के लिए समय भी निर्धारित किया गया है। किंतु मरीज की देखरेख करने वाले चिकित्सक मरीज के बारे में परिजनों को सही सही जानकारी नहीं देते। जिसकी वजह से परिजनों में गहन आक्रोश है। इस संबंध में बढ़ईपारा निवासी राजकुमार साहू द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उनके पिता राजधानी के एक ख्याति प्राप्त अस्पताल में जब भर्ती थे तब उनके बारे में प्रतिदिन जो जानकारी चिकित्सकों द्वारा दी जानी थी वह नहीं दी गई। चिकित्सकों का यह भी दायित्व है कि भर्ती मरीजों के बारे में परिजनों को सही सही जानकारी दी जाए किंतु अधिकांश मरीजों के परिजनों का आरोप है कि मरीज की दशा पूछने पर चिकित्सक बुरी तरह झिड़कते हुए दुव्र्यवहार करते हैं। एवं उन्हें सही जानकारी नहीं दी जाती। इधर राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियंत्रण नहीं होने के कारण बिलों के मामलों में भी बड़े अस्पतालों में खुलेआम लूट जारी है। यहां तक की आयुष्मान कार्ड से इलाज करा रहे मरीजों से भी ऊपरिहा पैसा वसूला जा रहा है। शासन की योजनाओं में स्क्रीनिंग कमेटी का गठन नहीं होने के कारण अधिकांश राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं का निजी चिकित्सक संस्थान प्रबंधकों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में बिलासपुर के चिकित्सक डॉ. आरके पांडेय ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. श्यामबिहारी जायसवाल से निजी चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टरों द्वारा मरीज के परिजनों के साथ दुव्यर्वहार रोकने की मांग करते हुए शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही जनकल्याण योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए तत्काल विशेषज्ञों की टीम का गठन कर स्क्रीनिंग कमेटी बनाने की मांग की है। ज्ञातव्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीज आए दिन निजी चिकित्सा संस्थानों में बुरी तरह लूटे जा रहे है। वहीं शाासकीय चिकित्सा संस्थानों में भी मरीजों की दुर्दशा है।
संदीप
००००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

