विकासनगर,16 नवंबर (आरएनएस)। विद्या भारती की ओर से महावीर प्रसाद जैन सरस्वती शिशु मंदिर विकासनगर में रविवार को सप्तशक्ति संगम मातृशक्ति सम्मेलन आयोजित किया गया। वक्ताओं ने राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका पर जोर देते उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की किसी भी परिवार को सुधारने में अहम भूमिका रहती है। कार्यक्रम के तहत वीर माताओं को सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान ने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाने में माता का अहम योगदान होता है। बच्चों को संयुक्त परिवार में रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय मे भारत माता की संस्कृति सभ्यता को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है, हमारी संस्कृति सर्वश्रेष्ठ है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रही अनामिका पाराशर कहा कि आज के समय में राम जैसा आज्ञाकारी पुत्र, श्रवणकुमार जैसा मातृपितृ भक्त, शिवाजी जैसा शूरवीर तैयार करना है तो खुद को कौशल्या, जीजाबाई और सुनीति जैसा बनना होगा। शिक्षाविद रश्मि गोयल ने कहा कि परिवार को सही रूप से चलाने की जिम्मेदारी महिलाओं कंधों पर है लिहाजा इस कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करना होगा। ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय की बहन सविता ने कहा कि आज हमारे देश के सर्वोच्च पद पर आसीन राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू महिला हैं, हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। सम्मेलन के दौरान बद्री केदार सेवा ट्रस्ट की सचिव बीना पोखरियाल और चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य कर रही रुक्मणी देवी को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य अनूप नौटियाल, अनु जायसवाल, राजकुमारी डोभाल, नीरज बख्शी, विशाखा शर्मा, नितिका चौहान, साक्षी मौजूद रहे।
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