दुर्ग, 17 नवंबर (आरएनएस)। जामुल में शुक्रवार शाम इवेंट ऑर्गेनाइजऱ विकास पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध करण को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि करण ने झारखंड से किराए पर तीन शूटर बुलवाए थे और विकास को निशाना बनाने की सुपारी दी थी।
पुलिस के अनुसार, बुलाए गए तीन में से दो शूटर वारदात स्थल पर पहुंचे और विकास पर गोलियां चलाईं। सौभाग्य से एक गोली उसके कान को छूकर निकल गई और वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी करण अपने साथी के साथ जलेबी चौक के पास फायरिंग की कोशिश कर चुका है, हालांकि उस समय भी कोई घायल नहीं हुआ था।
दो बार की गई फायरिंग से पुलिस को संदेह है कि करण अपने भाई की मौत का बदला लेने की नीयत से इन घटनाओं को अंजाम दे रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी के हर एंगल से संबंधों और पिछले विवादों की जांच कर रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जनवरी 2024 में कैंप क्षेत्र में शिवम साव की पिकअप गाड़ी की टक्कर विकास के भाई राहुल की बाइक से हुई थी। शिवम, करण का भाई था। इस विवाद ने बड़ा रूप ले लिया था और शिवम की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में चंद्रेश, सुमित, अनिकेत, राहुल और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हत्या के बाद आरोपियों के घरों में अवैध निर्माण पर निगम ने बुलडोजर भी चलाया था।
सूत्रों के अनुसार, शिवम की मौत के बाद करण अपनी ओर से बदला लेने की कोशिश में लगा था और जलेबी चौक में भी एक बार फायरिंग कर चुका है। इस मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया था।
एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल ने बताया कि पुलिस मामले की हर दिशा से जांच कर रही है। कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है और टीम लगातार काम कर रही है। जल्द ही फायरिंग कांड से जुड़े पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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