न्यूयॉर्क ,17 नवंबर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो भी राष्ट्र रूस के साथ आर्थिक संबंध जारी रखेंगे, उन्हें गंभीर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। यह चेतावनी रूस की प्रमुख तेल कंपनियों—लुकोइल और सरकारी रोजनेफ्ट—पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद आई है।
रविवार को ट्रंप ने प्रतिबंधों को आगे बढ़ाते हुए संकेत दिया कि जल्द ही ईरान को भी ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन सांसद ऐसे कानून तैयार कर रहे हैं, जिनके तहत मास्को के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश पर सख्त आर्थिक कार्रवाई की जा सकेगी।
ट्रंप ने कहा कि रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों को कड़े प्रतिबंध झेलने पड़ेंगे। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित कानून न केवल प्रतिबंधित कंपनियों पर, बल्कि उनसे जुडऩे वाले देशों पर भी द्वितीयक प्रतिबंध बढ़ा सकता है। इस बीच यह आशंका भी बढ़ रही है कि ईरान जल्द ही अमेरिकी निशाने पर आ सकता है।
ट्रंप प्रशासन रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर पहले भी सख्ती दिखा चुका है। यूक्रेन युद्ध को लेकर बढ़ते तनाव के दौरान मास्को के रुख को देखते हुए अमेरिका दबाव बढ़ा रहा है। वहीं, पुतिन का कहना है कि कोई भी स्वाभिमानी देश दबाव में आकर निर्णय नहीं लेता और उन्होंने चेताया था कि प्रतिबंधों से वैश्विक तेल कीमतें बढ़ सकती हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका पहले भारत पर 25त्न रेसिप्रोकल टैरिफ लगा चुका है। अगस्त में ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल और हथियार खरीदकर रूस की आर्थिक मदद करने का आरोप लगाया और टैरिफ बढ़ाकर इसे 50त्न कर दिया, जो 27 अगस्त से लागू है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय का कहना है कि यह कदम रूस की शांति वार्ता में गंभीरता न दिखाने के कारण उठाया गया है।
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