धमतरी,17 नवंबर (आरएनएस)। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, छत्तीसगढ़ द्वारा अधिनियमित अपराध क्रमांक 30/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120 बी, 384, 467, 468, 471 के गंभीर प्रकरण में आरोपी रानू साहू एवं उनके परिजनों के नाम पर पाई गई अचल संपत्तियों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है। ब्यूरो द्वारा जिला प्रशासन को भेजे गए अनुरोध पत्र के आधार पर आरोपिया के द्वारा अर्जित संदिग्ध आय से खरीदी गई संपत्तियों के हस्तांतरण/खरीदी-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। ये संपत्तियां रानू साहू तथा उनके परिवारजनों—अरुण साहू, लक्ष्मी साहू, पियूष साहू, शालिनी साहू, पंकज साहू, पूनम साहू, तुलसी मंजरी साहू, रेवती बाई साहू, तुषार साहू एवं अन्य परिजनों—के नाम पर दर्ज हैं। कलेक्टर ने ने जिला पंजीयक और उप पंजीयक धमतरी, कुरूद और नगरी को इस आशय का पत्र जारी किया है ।
संपत्ति विवरण (मुख्य संपत्तियाँ)
1.मालिक – लक्ष्मी साहू पति अरुण साहू, उम्र 49 वर्ष, निवासी पाण्डुका, जिला गरियाबंद
खसरा नंबर 1567 का टुकड़ा, रकबा 0.86 हे., ग्राम बगौद, तहसील कुरूद
.नं. 1607, 1545 का टुकड़ा, रकबा 0.06 हे., ग्राम सिर्री, तहसील कुरूद ख.नं. 881 (रकबा 0.70 हे.) एवं ख.नं. 885 (रकबा 0.04 हे.), ग्राम बंजारी, तहसील कुरूद
ख.नं. 202/2 का टुकड़ा, रकबा 0.05 हे., ग्राम पदमपुर, तहसील नगरी, जिला धमतरी
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि उपरोक्त सभी संपत्तियों की खरीदी, बिक्री, हस्तांतरण अथवा किसी भी प्रकार का विक्रय-विलेख पंजीयन प्रकरण के अंतिम निर्णय तक पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा, खातेदार लक्ष्मी साहू के नाम पर दर्ज अन्य किसी भी भूमि/संपत्ति के विक्रय-विलेख पंजीयन की कार्रवाई भी अगली आदेशावधि तक रोक दी गई है।
प्रशासन का उद्देश्य
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण एवं अवैध संपत्ति अर्जन के विरुद्ध राज्य सरकार की शून्य सहनशीलता नीति के तहत की गई है, ताकि प्रकरण के अंतिम निर्णय तक किसी भी प्रकार की संपत्ति हस्तांतरण प्रक्रिया न हो सके।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

