हरिद्वार,17 नवंबर (आरएनएस)। अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के उपाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि सरकार ओबीसी के साथ भेदभाव कर रही है। जिनको ओबीसी आरक्षण का अधिकार मिलना चाहिए था उन्हें नहीं मिल रहा। राज्य सरकार ने जातियां तो बढ़ा दी लेकिन आरक्षण का अनुपात नहीं बढ़ाया। पर्वतीय क्षेत्रों के ओबीसी तो लाभ ले रहे हैं, लेकिन मैदानी क्षेत्र को नहीं मिला। पर्वतीय क्षेत्रों के अग्रणी लोग भी आरक्षण का लाभ ले रहे इसे हटाना चाहिए। महासभा इसके विरोध में कोर्ट का सहारा भी ले सकता है। ओबीसी आरक्षण का लाभ योग्य पात्र को मिलना चाहिए। सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान उपाध्यक्ष विजय पाल सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ओबीसी समाज का उत्थान नहीं हो रहा है। जो लोग सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े नहीं थे उन्हें भी चिन्हित किया जा रहा है। प्रदेश में निर्वासित मूल ओबीसी जातियों को 14 प्रतिशत के अनुपात में लाभ दिया गया था, परंतु नई जातियों को शामिल कर उसी 14 प्रतिशत में से ही लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए आर्ट व हस्तशिल्प कला को विकसित किया जाए। अपना निर्यात केंद्र लक्सर, पथरी क्षेत्र में खोल सकते हैं। एक भी निर्यात केंद्र स्थापित नहीं किया गया। धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए ब्रह्म कुंड मेला आयोजित होना चाहिए। रोजगार बहुत बड़ी समस्या है। मेले से आय भी बढ़ेगी और उसमें हस्त शिल्प के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाए जिससे रोजगार भी मिलेगा। ऐसे कई कार्य हैं जो सरकार कर सकती है, लेकिन अधिकारी करने नहीं देते। हरिद्वार के हितों के साथ प्रतिघात किया जा रहा है।
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