देहरादून,17 नवंबर (आरएनएस)। उत्तराखंड के जाने-माने अन्वेषक देवव्रत पुरी गोस्वामी (डिटेक्टिव देव) को देश के प्रतिष्ठित कैप्सी–एपीडीआई सुरक्षा नेतृत्व सम्मेलन 2025, चेन्नई में “भारत का श्रेष्ठ जासूस – सम्मान चिन्ह” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश की सुरक्षा, जाँच और खुफिया तंत्र को उत्कृष्ट सेवाएँ देने वाले चुनिंदा विशेषज्ञों को प्रदान किया जाता है। दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में पूर्व सैन्य अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक, राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ, साइबर खुफिया विशेषज्ञ, गृह मंत्रालय (भारत सरकार) के वरिष्ठ अधिकारी, निजी सुरक्षा उद्योग के शीर्ष प्रतिनिधि, तमिलनाडु पुलिस महानिदेशक, तमिलनाडु सरकार के मंत्री तथा विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी उपस्थित रहे। यह पूरा आयोजन कैप्सी और एपीडीआई के अध्यक्ष कुंवर विक्रम सिंह व महासचिव महेश शर्मा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। देवव्रत पुरी गोस्वामी, जो तियान झू इन्वेस्टिगेटिव सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, देहरादून के निदेशक हैं, जांच, खुफिया विश्लेषण, जोखिम मूल्यांकन और आधुनिक अन्वेषण तकनीकों के प्रमुख विशेषज्ञ माने जाते हैं। उनका चयन इस बात का प्रमाण है कि वे देश के सबसे विश्वसनीय, सक्षम और प्रभावी अन्वेषकों में शामिल हैं। कैप्सी–एपीडीआई के अधिकारियों ने कहा कि “डिटेक्टिव देव ने भारतीय सुरक्षा एवं जाँच प्रणाली को वर्षों की निष्ठा और योगदान से मजबूत किया है। उनका राष्ट्रीय स्तर पर किया गया कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है।” डिटेक्टिव देव का खुफिया नेटवर्क उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य भारत के लगभग सभी बड़े शहरों में सक्रिय है। वे गोपनीय निगरानी, फील्ड इंटेलिजेंस और जोखिमपूर्ण अभियानों में उच्च दक्षता के लिए जाने जाते हैं। डिटेक्टिव देव ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है और वे भविष्य में भी देश की जांच एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्य करते रहेंगे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

