वैदिक स्वर और जयघोष में डूबा महादेवा परिसर
डीएम ने परंपरागत रीति से की पूजा, संस्कृति का भव्य मंचन शुरू
रामनगर, बाराबंकी 17 नवंबर (आरएनएस ) रामनगर तहसील स्थित प्राचीन लोधेष्वर महादेवा धाम में सोमवार को सदियों पुरानी आस्था पुन: आलोकित हुई। पावन परिसर में धूप दीप की सुगंध, शंख घंटों की गूंज और भक्ति से भरे वातावरण के बीच सात दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ। प्रशासनिक और सामाजिक जगत की सम्मानित उपस्थिति में महाकाल की चरण वंदना का यह वार्षिक पर्व दिव्यता का अनुपम दृश्य रच रहा है।जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी जब धाम पहुंचे, तो संस्कृत पाठशाला के बच्चों ने पुष्पों से अभिनंदन कर शुभ वातावरण रचा। परंपरा निभाते हुए प्रवेश द्वार पर दीप समर्पित किया गया। फिर वैदिक ऋचाओं की मधुर लय में वे गर्भगृह पहुंचे, जहाँ आचार्यों ने दुग्ध, पुष्प, अक्षत और गंगाजल से पारंपरिक विधि से पूजा संपन्न कराई। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र मुखर हो उठा।धाम की सजावट इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र बनी है। पुष्पमालाओं से सजे मार्ग, रौशनी से नहाए मंदिर द्वार और रंगीन ज्योति से दमकते गर्भगृह ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। पूजा के समापन पर जिलाधिकारी ने सांस्कृतिक मंच पर दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सवी कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत की।उद्घाटन अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को महोत्सव में सहभागी बनने का आमंत्रण देते हुए कहा कि महादेवा की यह धरती संस्कृति, श्रद्धा और सौहार्द की अनूठी मिसाल है।मंच पर आरंभ हुए सांस्कृतिक सत्र ने भक्ति को नई ऊंचाई दी। शंख की ध्वनि से वातावरण में ऊर्जा का संचार हुआ। बहार सुगम संगीत प्रभाग के निदेशक प्रभात नारायण दीक्षित की रचना ‘हे लंबोदर, जिसके बाद श्री दीक्षित और उनके छात्र-छात्राओं ने रंग गयो मन मेरा भोला के रंग में शिव स्तुति की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। कला श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए शिवराजे फ्यूजन बैंड के कार्तिकेय कैलाश दीक्षित के निर्देशन में अभिजीत, प्रत्युष, वंशिका और अदिति ने लोकप्रिय गीतों का आकर्षक मैशअप पेश किया। इसके बाद अदिति और कार्तिकेय की युगल प्रस्तुति ‘लग जा गलेÓ ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि वंशिका गुप्ता की ‘आओगे जब तुम सजनाÓ प्रस्तुति ने तालियों की लंबी गूंज बटोरी। संगीत संगत में अंजीत द्विवेदी, रवि कुमार और कार्तिकेय, अभिजीत,प्रत्युष का संयोजन सराहनीय रहा। कार्यक्रम का समापन प्रशांत बाल विद्या मंदिर की छात्राओं की मनोहारी सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसने शाम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।महोत्सव के शुभारंभ में एसडीएम गुंजिता अग्रवाल, सीओ गरिमा पंत, प्रशिक्षु आईएएस तेजस के, अपर जिलाधिकारी राज कुमार सिंह, एएसपी विकास चन्द्र त्रिपाठी, पूर्व विधायक शरद अवस्थी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक कुशमेश, ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शेखर हरायण तथा प्रशासनिकदृराजनीतिक क्षेत्र के कई प्रमुख जन उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रवक्ता आशीष पाठक ने किया।
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शासन के योजनाओं की प्रदर्षनी में मिलेगी जानकारी: शषांक त्रिपाठी
प्रदर्षनी का जिलाधिकारी ने किया शुभारम्भ
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रामनगर, बाराबंकी।(आरएनएस ) महादेवा महोत्सव के पहले दिन जहाँ पूरा लोधेष्वर धाम भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा रहा, वहीं कार्यक्रम स्थल पर स्थापित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की विशेष प्रदर्शनी भी श्रद्धालुओं व आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने फीता काटकर प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया।प्रदर्शनी में शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं, जनपद की उपलब्धियों, पर्यटन धरोहरों, ओडीओपी उत्पादों, महिला समूहों के कार्यों और विकास यात्रा से संबंधित समृद्ध विजुअल सामग्री प्रस्तुत की गई है। बड़े आकर्षक फ्लेक्स, डिजिटल डिस्प्ले, थीमेटिक पैनल और फोटो-गैलरी के माध्यम से जनपद की पहचान, संस्कृति और उपलब्धियों को प्रभावी रूप में प्रदर्शित किया गया है।उद्घाटन के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रदर्शनी उपलब्धियों और शासन की विभिन्न योजनाओं को आमजन तक सरल व रोचक ढंग से पहुंचाने का उत्कृष्ट प्रयास है। उन्होंने अधिक से अधिक आगंतुकों से प्रदर्शनी अवलोकन की अपील भी की।श्रद्धालुओं के लिए यह प्रदर्शनी पूरे महोत्सव अवधि में खुली रहेगी और स्थानीय प्रतिभा, परंपरा व प्रशासनिक उपलब्धियों को एक ही स्थान पर देखने का अवसर प्रदान करेगी। उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में से एक बताया।
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कथक में उतरी शिव की लीलाएं, अनुज मिश्रा एंड ग्रुप ने बांधा समां
रामनगर, बाराबंकी(आरएनएस )। महादेवा महोत्सव के सांस्कृतिक पंडाल में पंडित अनुज मिश्रा एंड ग्रुप की प्रस्तुति ने भक्ति और कला का अद्भुत संगम रचा। कलाकारों ने कथक नृत्य शैली के माध्यम से महादेव की दिव्य लीलाओं को ऐसा जीवंत किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध होकर देखते रह गए। कार्यक्रम की शुरुआत ‘कर्पूर गौरं करुणावतारंÓ पर सधी हुई भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध पगचाप के साथ हुई, जिसने मंच पर आनंद तांडव की अद्वितीय छटा बिखेरी। इसके बाद ‘जटा तट वी गलज्ज्वलज्जलप्रवाहÓ पर रौद्र तांडव की जोशीली प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भक्ति भाव में डुबा दिया। करीब पाँच हजार वर्ष पुरानी शिव ध्रुपद की मनोहारी प्रस्तुति ने दर्शकों को प्राचीन भारतीय संगीत की अनुगूंज का अद्भुत अनुभव कराया। कार्यक्रम में शक्ति वंदना ‘जय जय गिरिराज किशोरीÓ, शिवदृगंगा और शिव नाटिका नृत्य की प्रभावी प्रस्तुतियां भी हुईं, जिनसे पूरे पंडाल में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया।
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महादेवा महोत्सव में भजनों व लोकगीतों ने बांधा समा
रामनगर, बाराबंकी। महादेवा महोत्सव के सांस्कृतिक पांडाल में पूर्णिमा और सरगम ग्रुप की लोक गायिका पुष्पा त्रिवेदी तथा उनके सहयोगी कलाकारों ने भजन और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पा त्रिवेदी के भजन “करुणा निधान रउवा जगत के दाता से हुई। इसके बाद मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी की प्रस्तुति ने उपस्थित भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। लोकगीत तोहार दूल्हा गौरा सबसे निराला की प्रस्तुति ने पांडाल में तालियों की गडग़ड़ाहट भर दी। तेजस्वी त्रिवेदी द्वारा प्रस्तुत शिवगीत “लाईके शिव के मनाई हो को भी दर्शकों ने खूब सराहा। आशा त्रिवेदी ने महादेवा लोधेष्वर धाम पर आधारित गीत चलो चली भइय्या महादेवा लोधेष्वर की शिवनगरी” प्रस्तुत कर भक्तिमय माहौल को चरम पर पहुँचा दिया।
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