० हड़ताल में मौजूद लोगों ने दिया सामूहिक इस्तीफ ा
दुर्ग, 18 नवंबर (आरएनएस)। पिछले 14 दिनों से अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सहकारी समिति के कर्मचारी और अधिकारी लगातार प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। इसी बीच आज उन्होंने सामूहिक इस्तीफ ा भी दिया है। इस प्रदर्शन में दुर्ग संभाग के सभी जिलों से लगभग 1500 से अधिक लोग शामिल हैं। इनके समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के कई विधायक भी पहुंचे। उनका कहना है कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह जायज़ हैं और सरकार को उन्हें स्वीकार करना चाहिए।
ऑपरेटरों के मुद्दे पर भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा अवधि 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे फिर से घटाकर 6 महीने कर दिया, जो कि एक तुगलकी फरमान है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा एक तरफ किसान की फसल तैयार है और वे समितियों में धान जमा करने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं सरकार के गलत निर्णय के कारण एग्रो स्टेट में पंजीयन अनिवार्य होने से हजारों-लाखों किसान प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। लाखों हेक्टेयर धान बेचने से छूट जाएगा, जो एक बड़ी समस्या है। दूसरी तरफ तुगलकी फरमान जारी किए गए हैं। 15 दिनों से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। जिन कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा अवधि हमने 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने की थी, उसे फिर से 6 महीने कर दिया गया है। और जो ‘सुखदÓ वाला मामला है, उसकी रिकवरी यदि सोसाइटियों से की गई तो सहकारिता ही खत्म हो जाएगी।
वहीं, इस पूरे मामले में सरकार भी एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाले कई लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है। दूसरी ओर, संगठन के सदस्यों का कहना है कि यदि उनकी चार सूत्री मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 15 तारीख से धान खरीदी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। व्यवस्थाएं प्रभावित न हों, इसके लिए प्रशासन ने विभिन्न विभागों के कर्मचारी और अधिकारियों को धान खरीदी की प्रक्रिया में लगाया है।
००००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

