0 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र
0 पं. सुंदरलाल शर्मा ने की थी छत्तीसगढ़ की परिकल्पना
रायपुर, 18 नवंबर (आरएनएस)। विधानसभा में आज 25 वर्ष की संसदीय यात्रा पर एक दिवसीय विशेष चर्चा हुई। जिसमें पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चन्द्राकर ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने पृथक छत्तीसगढ़ बनाया। प्रदेशवासी इसके लिए सदैव कृतज्ञ रहेंगे। प्रदेश का दुर्भाग्य है कि छत्तीसगढ़ की परिकल्पना करने वाले पं. सुंदरलाल शर्मा, छेदीलाल बैरिस्टर एवं प्यारेलाल ठाकुर, हरि ठाकुर जैसे महान विभूतियों को भुला दिया गया जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
विधानसभा में आज विशेष एकदिवसीय सत्र में पहले विधानसभा के पूर्व सदस्य श्रीमती रजनी ताई उपासने, पूर्व उपाध्यक्ष बनवारी लाल अग्रवाल एवं पूर्व सदस्य राधेश्याम शुक्ला के निधन पर रामविचार नेताम, अजय चन्द्राकर एवं रमन सिंह सहित अन्य सदस्यों ने शोक व्यक्त किया। इसके पश्चात विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। आज विधानसभा की दर्शकदीर्घा में पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा रविन्द्र चौबे भी उपस्थित थे। जिनका विधिवत रमन सिंह ने परिचय सदस्यों से कराया।
उच्चस्तरीय परंपराओं एवं संसदीय मर्यादाओं का पालन हुआ विधानसभा में
विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश के बाद भाजपा के पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यात्रा आजादी के पहले शुरू हुई थी। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ के निवासी ने इसकी कल्पना की थी। देश आजाद हुआ इसके पश्चात सीपी एवं बरार इसके पश्चात सन 1955 में रामकृष्ण ने यह आवाज उठाई। नए मध्यप्रदेश का निर्माण होने के पश्चात पृथक छत्तीसगढ़ृ का नारा राजनीतिक लाभ के लिए किया गया। नाखुन काटकर शहीद होने की परंपरा का पालन किया गया। लेकिन दुर्र्भाग्य है कि छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पं. सुंदरलाल शर्मा ने की थी। उन्होंने तृपुरी कांग्रेस अधिवेशन में इसकी मांग उठाई थी। इसके अलावा ठाकुर प्यारेलाल से छेदीलाल बैरिस्टर एवं खुबचंद बघेल ने भी छत्तीसगढ़ के आंदोलन को आगे बढ़ाया। इसके पश्चात पवन दीवान ने पृथक छत्तीसगढ़ृ पार्टी के बैनर के तले चुनाव लड़ृा था। लेकिन राज्य बनने के बाद उन्हों विस्मृथ कर दिया गया। सत्ता में कई परिवर्तन हुए लेकिन कांग्रेस जनों ने इसकी सुध नहीं ली। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने यहां तक कह दिया था कि छोटे राज्य की कोई जरूरत नहीं है। जिसका विरोध भाजपा ने किया था।
श्रद्धेय अटलजी ने पृथक छत्तीसगढ़ का सपना पूरा किया।
भाजपा विधायक अजय चन्द्राकर ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जो कि देश के प्रधानमंत्री थे ने तमाम राजनीकि विरोधों के बावजूद तीन राज्य उत्तराखंड, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ का सपना पूरा किया जबकि छत्तीसगढ़ृ में पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी बने। राजकुमार कालेन के जशपुर हाव से प्रारंभ हुई जो कि निरंतर आगे बढ़ती गई। छत्तीसगढ़ की विधानसभा में मुख्यमंत्री रमन की अध्यक्षता में कई नियम बनाए गए जिसमें कोई भी विधायक गर्भगृह में आता है वह स्वयं निलंबित हो जाता है। पूरे देश में छत्तीसगढृ़ ही एक मात्र विधानसभा है जिसमें यह नियम लागू होता है। यहां पर उच्चस्तरीय संसदीय मर्यादाओं एवं परंपराओं का पालन किया गया। विधानसभा सत्र के दौरान कभी भी मार्सल का उपयोग नहीं किया गया जो कि अन्य विधानसभाओं के लिए उद्धरण है।
भाजपा के राज में आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी सहित आईटीआई का हुआ विस्तार।
छत्तीसगढ़ बनने के बाद मानव संपदा का पूरा विकास हुआ यहां । उच्चस्तरीय एनआईटी सहित उच्चस्तरीय तकनीकी संस्थाओं का स्थापना की गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में मेडिकल कालेज खोले गए। शिक्षा, नक्सली उन्मूलन सहित सिंचाई एवं अधोसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण कार्य हुए जो कि अवीस्मर्णीय है।
चर्चा में पूर्व मंत्री ने भाग लिया था इसे पूर्व नाम पर विस्थापित करने का अनुरोध किया।
आर. शर्मा
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