देहरादून,18 नवंबर (आरएनएस)। डीआईटी विवि में आयोजित हुए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मंगलवार को प्राकृतिक और कृत्रिम प्रणालियों के संगम पर मंथन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ विवि के प्रिंसिपल एडवाइजर एन रवि शंकर और कुलपति प्रो. जी रघुरामा ने किया। विवि के डीन रिसर्च प्रो. देबाशिष चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका के डॉ. जोसेफ पुगलीसी ने जीवित कोशिकाओं में प्रोटीन संश्लेषण की जटिल आणविक प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला, जो अरबों वर्षों के विकास की देन हैं। आईआईएससी बंगलूरू के डॉ. श्रीराम रामास्वामी व मैक्स-प्लैंक इंस्टीट्यूट, जर्मनी के डॉ. फ्रैंक जूलिकर ने गतिशील पैटर्नों की आधुनिक वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। टोक्यो यूनिवर्सिटी, जापान के डॉ. कात्सुहिरो निशिनारी व कोलोन यूनिवर्सिटी, जर्मनी के डॉ. एंड्रियास शाडश्नाइडर ने एआई और चींटी-आधारित स्वॉर्म इंटेलिजेंस की ओर से भीड़ व ट्रैफिक प्रबंधन में हो रहे नवाचारों के बारे में बताया। कार्यक्रम में देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों, आईआईटी, आईआईएसईआर और अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने भाग लिया। इस मौके पर डॉ. अनातोली कोलोमेइस्की, डॉ. प्रबल मैती, डॉ. जेरेमी गुनवर्डेना, डॉ. सुधीप्तो मुखर्जी ने भी अपने विचार रखे।
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