रुद्रपुर,18 नवंबर (आरएनएस)। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने मंगलवार सुबह 11 बजे अपना 24 घंटे का सांकेतिक धरना समाप्त किया, लेकिन इसके साथ ही पंतनगर विवि प्रशासन पर कई आरोप लगाया। धरना खत्म करते हुए बेहड़ ने कुलपति, निदेशक प्रशासन और वित्त नियंत्रक पर ‘हिटलरशाहीÓ रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यदि तीन महीने में कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो फरवरी में वे पूरे विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोगों के साथ पंतनगर विवि की ओर शांतिपूर्ण लेकिन विशाल कूच करेंगे। बेहड़ ने कहा कि उन्होंने कई बार कुलपति के साथ बैठक की मांग की, मगर निदेशक प्रशासन न फोन उठाते हैं और न ही समय देते हैं। मैं विधायक होकर अनुरोध करूं और फोन तक न उठाया जाएज् यह सीधी-सीधी लापरवाही है। इसलिए कह रहा हूं कि पंतनगर का निदेशक प्रशासन निक्कम्मा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि समय पर बैठक हो जाती तो हालात इस स्तर तक नहीं बिगड़ते। धरना समाप्त करते हुए बेहड़ ने कहा, मैं जो बोलता हूं, करता हूं। फरवरी में पंतनगर कूच का ऐलान कर रहा हूं और करूंगा ही। जहां रोकेंगे, वहीं हजारों लोग बैठ जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विवि प्रशासन ने रवैया नहीं सुधारा तो वे कुलपति, निदेशक प्रशासन और वित्त नियंत्रक के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस देंगे। किसान सम्मेलन में मैंने कर्मचारियों की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं, पर मुख्यमंत्री ने सिर्फ सड़क के मुद्दे पर जवाब दिया, कर्मचारियों पर नहीं। पूर्व विधायक को घेरते हुए उन्होंने कहा कि वे मुझ पर टिप्पणी कर रहे हैं, जबकि किसान सम्मेलन में उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी। अगर आते तो कर्मचारियों की बात मुख्यमंत्री के सामने रखते। हंसना और गाल फुलाना एक साथ नहीं होताज् या हंस लो या गाल फुला लो। बेहड़ ने बताया कि वे आने वाले दिनों में हर ब्लॉक का दौरा करेंगे, लोगों की समस्याएं सुनेंगे और फरवरी में आंदोलन की अंतिम तारीख घोषित करेंगे। धरने में संजय जुनेजा, हरीश अरोड़ा, राजेश प्रताप सिंह, मोहनलाल खेडा, राजेंद्र शर्मा, गौरव बेहड़, सुभाष बेहड़ सहित कई कांग्रेसी नेता और कर्मचारी मौजूद रहे।
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