सतना 18 नवंबर (आरएनएस)।राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय आन-बान और शान के प्रतीक है। वे जनजातीय अस्मिता और राष्ट्र भक्ति के प्रखर पुंज थे। उन्होंने मात्र 25 वर्ष की अवस्था में जनजातीय समाज के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लिया। अपने संघर्ष और बलिदान से दुनिया की सर्वशक्तिशाली ताकत को झुकने पर मजबूर कर दिया। महापुरुष के रूप में इतिहास में अमर हो गए। राज्यपाल पटेल मंगलवार को सतना जिले के मझगवाँ विकासखंड के ग्राम बांका में भगवान बिरसा मुंडा प्रतिमा अनावरण समारोह और जनजातीय विकास सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजाति समाज के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे जननायकों ने जो महान कार्य किए हैं। हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज को आगे बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की जनजाति कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनमन योजना के तहत केंद्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसी प्रकार धरती आबी ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से भी जनजाति कल्याण के विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनजाति समुदाय की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों में अनुवांशिक बीमारी सिकल सेल एनीमिया की जांच और उपचार के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। अब तक प्रदेश में एक करोड़ 25 लाख व्यक्तियों की सिकल सेल जांच और एक करोड़ डिजिटल कार्ड वितरित किए गए हैं।

