सीएम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र
कोलकाता 20 Nov, (rns) । मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर बंगाल में जहां सत्तरुढ़ तृणमूल सरकार व चुनाव आयोग के बीच तनातनी है वहीं सीएम ममता बनर्जी एसआईआर के बहाने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर हर रोज जुबानी हमले कर रहीं है।
एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में ममता ने आरोप लगाया है कि राज्य में चल रहा एसआईआर बिना किसी प्लान के किया जा रहा है, जो न केवल अस्त-व्यस्त है बल्कि खतरनाक भी है और यह खतरनाक स्टेज पर पहुंच गया है। सीएम ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखा, “मैं आपको लिखने के लिए मजबूर हूं क्योंकि बंगाल में चल रहा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) के हालात बहुत ही खतरनाक स्टेज पर पहुंच गया है। जिस तरह से यह काम अधिकारियों और नागरिकों पर थोपा जा रहा है, वह न सिर्फ बिना प्लान के और अस्त-व्यस्त है, बल्कि खतरनाक भी है।”
पश्चिम बंगाल की सीएम ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के सीईओ धमकी दे रहे हैं और एसआईआर में लगे बीएलओ को अनुचित कारण बताओ नोटिस जारी कर रहे हैं। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रशिक्षण में गंभीर कमी और प्रक्रिया के लिए आवश्यक अनिवार्य दस्तावेजों के संबंध में स्पष्टता की कमी के कारण यह प्रक्रिया संरचनात्मक रूप से अस्थिर है। ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में 48 वर्षीय बीएलओ शांति मुनि इक्का की आत्महत्या को असहनीय दबाव का नतीजा बताया। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की वजह से राज्य में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शांति मुनि अपने घर के सामने दो पेड़ों के बीच एक बांस पर फांसी के फंदे से झूलती मिली थीं। शांति के पति ने दावा किया है कि एसआईआर प्रक्रिया की वजह से वह काफी मानसिक तनाव में था। उन्होंने कहा कि एसआईआर के फॉर्म बंगाली भाषा में थे, जिसे वह पढ़ नहीं सकती थी।
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