नीमच 20 नवंबर (आरएनएस)।एक और देश में एक पेड़ माँ के नाम से लगाने का दिखावटी कार्य चल रहा है और पेड़ो का संरक्षण देश के साथ ही प्रदेश में भी नहीं हो रहा है और जगह जगह अडानी के उद्योगों के नाम से तो कही सड़को के नाम से लाखो पेड़ प्रदेश में काटे जा रहे है और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी, नगरपालिका और एमपीआरडीसी के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए है और निर्माणाधीन सड़को पर नियम विरुद्ध पेड़ो की कटाई की जा रही है। ऐसा ही एक मामला नीमच शहर में होकर जाने वाले फोर लेन सड़क का है जिस पर एमपीआरडीसी की अनदेखी के चलते मनासा नीमच सड़क की तर्ज पर ही हजारो पेड़ बेतरतीब रूप से काट दिए गए है और अभी भी निरंतर पेड़ काटने की प्रक्रिया चालू है जिस पर नगरपालिका एवं प्रशासन ने भी चुप्पी साध रखी है।
आम आदमी पार्टी के इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा की पर्यावरण प्रेमी संस्थाए निरंतर परिश्रम कर सड़को के दोनों और पेड़ लगाकर बड़े करने का नेक काम कर पर्यावरण संरक्षण कर रही है वही पर ठेकेदार अपनी मनमर्जी कर उनकी मेहनत पर पानी फेरने का कार्य कर रहा है।उक्त सड़क निर्माण में नियम विरुद्ध जंहा सड़क का निर्माण नहीं होना है फिर भी पेड़ो को जगह साफ करने के नाम से काटा जा रहा है और जिस स्थान पर पूर्व से ग्रीन बेल्ट में पौधरोपण कर मेहनत कर वृक्ष बनाये गए है उन पर भी सड़क किनारे लगे पोधो को काटकर डाला जा रहा है जिससे अंदर के पौधे भी नष्ट हो रहे है लेकिन कटाई के समय कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कटाई स्थल पर उपस्थित नहीं रहता है जिससे ठेकेदार मनमर्जी पूर्वक कार्य कर वायर फेंसिंग और पीछे के पोधो को नुकसान पहुंचा रहा है।
अग्रवाल ने कहा की जब उक्त सड़क निर्माण पर कितने पेड़ काटने की अनुमति प्राप्त की है और काटने के बाद कहा भण्डारण किया जाकर नीलामी की जावेंगी जब इस सम्बन्ध में जिम्मेदार व्यक्तियों से जानकारी चाही गई तो कोई भी बताने को तैयार नहीं है।जिस से स्वत: प्रमाणित होता है की किस प्रकार से नियमो की खुलेआम अवहेलना की जा रही और जिम्मेदार मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रहे है। जब कोई पेड़ सड़क के साइड में बोल्डर में आ रहा है जो की वर्षो पुराणा है तो उसे नहीं काटा जाना चाहिए लेकिन ऐसे सैंकड़ो पेड़ उक्त सड़क निर्माण के दौरान काट कर जमींदोज किये जा चुके है। साथ ही जितने पेड़ काटे गए है उतनी लकड़ी कहा गई यह भी जिम्मेदारों को मालूम नहीं है और दिखावे के रूप में कुछ पेड़ो की लकडिया सड़क किनारे दर्शन हेतु रख दी गई है और जब इस सम्बन्ध में जिम्मेदार अधिकारियो से चर्चा करी तो उन्होंने अपनी असमर्थता व्यक्त करते हुए उच्च नेताओ का संरक्षण होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।
अग्रवाल ने कहा की उक्त पेड़ो की कटाई के सम्बन्ध में मुक्यमंत्री महोदय को ऑनलाइन शिकायत प्रेषित कर दी गई है। फिर भी कोई कार्ववाही नहीं होती है तो अग्रआंदोलन किया जावेंगा।

