परिजन शव का चेहरा देख चौंके, दूसरे परिजन को दे दिया गया था शव
प्रयागराज 20 Nov, (Rns) । स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में स्थित पोस्टमार्टम हाउस में आज गुरुवार को एक बार फिर बड़ा गड़बड़झाला हो गया। यहां पोस्टमार्टम होने के बाद लाश ही बदल गई। इसका खुलासा तब हुआ जब परिजन ने लाश बाहर आने पर चेहरा देखा। पता चला कि उनके शव को दूसरे परिजन ले गए।
आनन-फानन बदले हुए शव को मंगाया गया इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ। वहीं, पोस्टमार्टम हाउस के जिम्मेदारों का कहना है कि परिजन दूसरे के शव को अपना बताकर लेकर जा रहे थे लेकिन दूसरे परिजन जब अपने शव को देखे तो वह चौंक गए और फिर दोनों शव को मंगाकर दोनों परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों ने इस पर काफी आक्रोश जताया। कहा कि शव को लाने वाले परिजनों से चीरफाड़ के लिए 800 रुपये और पैकिंग करने का 300 रुपया लिया जाता है, जबकि यहां पर कई जगह दीवारों पर लिखा गया है कि व्यवस्था नि:शुल्क है। 1400 जमा कराने के बाद यहां के कर्मचारी शव को पोस्टमार्टम के लिए अंदर ले जाते हैं। नहीं तो पूरा दिन बीत जाएगा पीड़ित परिवार अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर काटता रहता है लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
ज्ञात हो कि खागा फतेहपुर के रहने वाले जितेंद्र केसरी (40) रेलवे में गैंगमैन थे। 18 नवंबर को हादसे में घायल हो गए थे। परिवार के लोग उपचार के लिए प्रयागराज ला रहे थे लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी तरह जौनपुर के मीरगंज सतहरिया के रहने वाले अवेश कुमार उमरवैश्य (57) सड़क हादसे में घायल हो गए। उनका उपचार एसआरएन में चल रहा था। कई दिनों जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते हुए बृहस्पतिवार को उनकी जान चली गई। दोनों शवों को पोस्टमार्टम करने के लिए मर्चरी के कर्मचारियों ने 1100-1100 रुपया जमा कराया।
पोस्टमार्टम करने के बाद अवधेश के शव को फतेहपुर से आए मृतक गैंगमैन के परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को लेकर चले गए। कुछ देर बाद पहुंचे जौनपुर के अवधेश के परिजनों गैंगमैन जितेंद्र का सौंप सुपुर्द कर दिया। कुछ शंका होने पर परिजनों ने जब चेहरे से कपड़ा हटाकर देखा तो सन्न रह गए। यह अवधेश का शव था ही नहीं यह दूसरे का शव निकला। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। फोन करके पता किया गया तो बताया गया कि फतेहपुर वाले लोग शव को लेकर सुलेमसराय धूमनगंज पहुंच चुके हैं। जानकारी होने पर वह लौटकर आए और सही शव को लेकर रवाना हुए।

