धूमनगंज निवासी महिला से ठगे थे सवा लाख रुपए
प्रयागराज 21 नवंबर (आरएनएस)। पुलिस, सीबीआई व क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले तीन शातिर को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कानपुर देहात के तीनों आरोपियों ने सितंबर माह में प्रयागराज के धूमनगंज की एक महिला से डरा धमकाकर यूपीआई के माध्यम से 1.15 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपियों पर अयोध्या, गोंडा व कुशीनगर में भी पहले से एनसीआर दर्ज है। साइबर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया।
डीसीपी गंगानगर एवं साइबर क्राइम कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि धूमनगंज के साकेतनगर की महिला को दस सितंबर को अनजान नंबर से फोन कर शातिर ने खुद को एसपी लखनऊ बताते हुए आपत्तिजनक फोटो व वीडियो सोशल मीडिया, टीवी चैनल व न्यूज पेपर में भेजने की धमकी देते हुए 1.15 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी।
साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की तो साइबर अपराधियों की कानपुर देहात से जुड़े होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मुख्य आरोपी शिव मोहन उर्फ लालू चौहान निवासी नरायन पुरवा थाना अकबरपुर जिला कानपुर देहात और उसी के गांव के दो अन्य साथी दीपक सिंह व मोहन सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से पांच एंड्रायड व पांच कीपैड मोबाइल, छह सिम कार्ड, एक चेकबुक व एक पासबुक बरामद की गई।
पुलिस की पूछताछ में शातिर ठगों ने बताया कि वे पहले किसी जिले के एकाध मोबाइल के आगे-पीछे का नंबर बदलकर यूपीआई में सर्च करते हैं। इससे मोबाइल धारक का नाम पता चल जाता है। गिरोह खासकर महिलाओं को टारगेट करते थे। फर्जी मोबाइल नंबरों से फोन कर पुलिस, सीबीआई व क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर गूगल क्रोम पर पोर्न वीडियो व अश्लील सामग्री देखने और उसकी अश्लील व आपत्तिजनक फोटो वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। बैंक खाता अथवा यूपीआई में रुपये मंगा लेते थे।
पुलिस सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार आरोपियों का गांव व आसपास का इलाका साइबर अपराधियों का गढ़ है। तीनों आरोपियों की उम्र मात्र 19 से 21 साल के बीच है। आरोपियों ने पहले भी कई लोगों को फोन कर ठगी को अंजाम दिया है। फिलहाल पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी है।
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