अजय दीक्षित
बिहार विधानसभा चुनावों में राजद की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव परिवार में घनघोर द्वंद्व मच गया है। लालू प्रसाद यादव को एक किडनी देने वाली उनकी पुत्री रोहणी आचार्य ने रात्रि में घर छोड़ दिया। बताया जाता है कि उसे चुनाव परिणाम आने के बाद चप्पल से पीटा गया है।
ऐसा रोहणी आचार्य ने खुद हवाई अड्डे पर मीडिया को बताया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल वाटर लू का युद्ध साबित होगा।अब यहां यह पार्टी खत्म होती जाएगी ऐसा राजनीतिक विशेषज्ञ का मानना है।इन चुनावों में राजद माई फैक्टर भी खत्म हो गया है।1989 राजीव गांधी की हार के बाद केंद्र में जनता दल की सरकार बनी और जब बिहार में विधानसभा चुनाव हुए तो तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह की मदद से लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री बने।1989 से 2005 तक लालू प्रसाद यादव ने शासन किया। इन दौरान बिहार में जैसे गुंडा राज हो गया। सरकारी ठेका, शराब ठेके, जमीनों पर कब्जा, शासकीय योजनाओं की लूट खसोट खूब हुई । असामाजिक तत्वों ने राजद के झंडे तले खूब धन कमाया भी और उगाया भी।इन दौरान शासकीय बजट को बिना काम किए लालू प्रसाद यादव के समर्थकों ने जमकर दोहन किया। केंद्र पोषित शासकीय योजनाओं का पैसा हड़पना शुरू कर दिया तो योजनाएं ठप्प हो गई।
1998 में भारतीय जनता पार्टी की अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली सरकार बनी यही से उल्टी गिनती शुरू हो गई।
दूसरी ओर लालू प्रसाद यादव के साले साधु यादव ने जंगलराज कायम कर दिया।पूरा बिहार जलने लगा और तो और लालू प्रसाद यादव सवर्ण, पिछड़ी जातियों को प्रताडि़त करने लगे वे इसे सामाजिक न्याय कहते थे।एक अपहरण उद्योग भी बन गया। मुज़्जरपुर के गोलू नामक बालक के अपहरण हत्या से पूरे बिहार में सन्नाटा छा गया था लेकिन लालू प्रसाद यादव को कोई चिंता नहीं थी ।उनकी पुत्री मिसा भारती की शादी में पटना में साधु यादव के गुंडों ने इतना धमाल मचाया कि कारों के शो रूम से कार उठा ले गए, सोफा सेट ,अन्य सामान उठा ले गए।
नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव से अलग होकर जॉर्ज फर्नांडिस के साथ समता दल बनाया। उधर लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में जेल गए तो उनकी बिना पढ़ी लिखी पत्नी रावड़ी देवी मुख्यमंत्री बनी और जेल से ही सरकार चलने लगी ।तब बिहार बासी समझे कि उनके साथ धोखा हो रहा है।2005 में एनडीए की सरकार बनी जो आज तक चल रही है।2025 विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू ने राजद को हरा दिया। लालू प्रसाद यादव ने जब रेल मंत्री थे तब जमीन के बदले नौकरी दी ।जमीन घूस के रूप में दी गई थी और उसकी जांच ईडी, सीबीआई कर रही है।
बिहार की जनता इतना जंगल राज झेलने के बाद अब राजद, लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती,को कभी भी पसंद नहीं करेगी ।यद्यपि यादव, मुस्लिम वोट पर राजद की पकड़ बरकरार है। लेकिन जेडीयू, भारतीय जनता पार्टी, लोजपा,हम,इल्म ,पार्टियों गठजोड़ 49 फीसदी वोट हासिल कर राजद, कांग्रेस, महागठबंधन को चारों खाने चित्त कर देता है।
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