उत्तर बस्तर कांकेर 30 मई (आरएनएस) चावल खींचने वाले और करोड़ों में बिकने का दावा करने वाले कथित “राम दरबार सिक्कों” के नाम पर रची गई ठगी की कहानी का कांकेर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। 30 हजार रुपये की ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के पास से रक्षा मंत्रालय का फर्जी परिचय पत्र, नकली दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, विशेष सिक्के, वाहन और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई है, जिससे इस गिरोह की ठगी का तरीका सामने आया है।
मामला कांकेर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार ग्राम कामतेड़ा निवासी राजुराम कुमेटी ने 28 मई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर संपर्क कर खुद को अविनाश तिवारी बताया और उसे कृषि विज्ञान केंद्र सिगारभाट के पास बुलाया। वहां आरोपी ने राम, सीता और लक्ष्मण अंकित विशेष सिक्के को विदेशों में ऊंची कीमत पर बेचने और भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। रकम मिलने के बाद उसे हिस्सा देने का भरोसा दिलाया गया। लालच में आए प्रार्थी से आरोपियों ने 30 हजार रुपये ऐंठ लिए और फरार हो गए।
शिकायत मिलते ही सिटी कोतवाली कांकेर में अपराध क्रमांक 182/2026 के तहत धारा 318(4) और 61(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान ग्राम बाबूसाल्हेटोला क्षेत्र में संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना मिली, जिस पर पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सोहन साहू उर्फ अविनाश तिवारी सहित चार लोगों को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली। गिरफ्तार आरोपियों में सोहन साहू उर्फ अविनाश तिवारी (47 वर्ष) निवासी मैनपुर जिला गरियाबंद, गन्नु राम नेताम (51 वर्ष) निवासी मैनपुर जिला गरियाबंद, तामेश्वर सिंह नाग (54 वर्ष) निवासी कोदाभाट थाना कांकेर और जितेन्द्र शार्दुल (27 वर्ष) निवासी बांसकोट जिला कोंडागांव शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी आधार कार्ड, रक्षा मंत्रालय का फर्जी परिचय पत्र, ऐश्वर्या कदम के नाम से तैयार जाली दस्तावेज, अविनाश तिवारी के हस्ताक्षरयुक्त बैंक चेक, दो तांबे के राम दरबार सिक्के, दो बजरंगबली सिक्के, तीन छोटी पेटियां, सफेद रंग की कार क्रमांक CG-22-AB-9990 और मोटरसाइकिल क्रमांक CG-04-QJ-8943 जब्त की है। जांच के दौरान प्रकरण में धारा 319(2), 336(3) और 340(2) बीएनएस भी जोड़ी गई हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुरेन्द्र मानिकपुरी, उपनिरीक्षक मनोरथ जोशी, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक यशवंत श्याम, प्रधान आरक्षक गीतेश्वर कुलदीप, आरक्षक लक्ष्मण भास्कर और संतोष मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कांकेर पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि चावल खींचने वाले सिक्के, दुर्लभ सिक्कों की खरीद-फरोख्त, सोना दोगुना करने या रातों-रात अमीर बनाने वाले किसी भी लालच में न आएं, क्योंकि ऐसे सपनों के पीछे अक्सर ठगी का जाल बिछा होता है और एक छोटी सी लालच बड़ी आर्थिक चोट में बदल सकती है।

