लखनऊ ,30 मई(आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जून 2026 के बिल में ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) का अतिरिक्त भार उठाना होगा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की रेगुलेटरी अफेयर्स इकाई ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए जून माह के लिए एफपीपीएएस लागू करने को कहा है।यूपीपीसीएल की ओर से 29 मई 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा 26 मार्च 2025 को जारी मल्टी ईयर टैरिफ (डिस्ट्रिब्यूशन) विनियम, 2025 के तहत ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार की व्यवस्था लागू है। विनियम के अनुसार किसी माह में अतिरिक्त विद्युत खरीद एवं पारेषण व्यय का समायोजन तीन माह बाद उपभोक्ताओं से वसूला जाता है।इसी प्रावधान के तहत मार्च 2026 में हुए अतिरिक्त विद्युत खरीद और पारेषण व्यय के आधार पर जून 2026 में एफपीपीएएस लगाया जाएगा। यूपीपीसीएल के अनुसार विनियम 2025 की धारा 16(4) के तहत मार्च 2026 के लिए देय एफपीपीएएस 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जिसे जून 2026 में सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा।इस संबंध में यूपीपीसीएल के मुख्य अभियंता (रेगुलेटरी अफेयर्स इकाई) पंकज सक्सेना ने निदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नियामक प्रावधानों के अनुरूप सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर यह अधिभार लागू किया जाए। साथ ही विस्तृत गणना पत्रक को निगम की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।यूपीपीसीएल के इस निर्णय के बाद घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के जून माह के बिजली बिल पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है।
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