0-25 लाख से 2739 धान खरीदी केन्द्रों में हो रही खरीदी
रायपुर, 24 नवंबर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अब तेज हो गई है। धान छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और किसानों की जीवन रेखा है। सरकार ने 2739 धान खरीदी केन्द्रों में आवश्यक सुविधा सुनिश्चित की है। इसके चलते धान खरीदी में तेजी आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार राज्य में समर्थन मूल्य पर 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर 25 लाख किसानों से धान खरीदी की जा रही है, 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी होगी। 23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में डिजिटल सर्वे करा लिया गया है। 2739 धान खरीदी केन्द्रों सदृढ़ व्यवस्था की गई है। किसानां को 7 दिनों भुगतान करन होगा। किसानों से एक लाख मीट्रिक टन धान खरीदी जाएगी, इसके लिए मॉनिटरिंग एवं नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है, इसके लिए इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस खरीदी में परिवहन और रियल टाईम मॉनिटरिंग संभव होगी। प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है।
सीमावर्ती राज्यों से धान की आवक रोकने प्रयास
छत्तीसगढ़ के लगे ओडि़शा, महाराष्ट्र एवं आंध्रप्रदेश व मध्य प्रदेश से धान की अवैध आवक हह्नती है, इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक सीमावर्ती क्षेत्रों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके बावजूद धान खरीदी की अवैध आवक नहीं हो रहा है। धान खरीदी के लिए पर्याप्त साधन की व्यवस्था की गई है। करीब एक लाख गठान बारदाना खरीदी गया है। छत्तीसगढ़ में भारत शासन के खाद्य विभाग के लिए 23 लाख चावल केन्द्रीय पुल निर्धारिक किया गया है। किसानों को उचित समय भुगतान की सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर भुगतान मिले यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। धान खरीदी केन्द्रों में टोकर तोहर हाथ मोबाइल एप्प के माध्यम से सुविधा शुरू की गई है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार तिथि समय चुनकर टोकर पास कर सकें गे। धान खरीदी के दौरान बायामैट्रिक सुविधा सुनिश्चित की गई है।
राज्य में धान खरीदी के लिए करीब 40 हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे। वहीं 10 लाख रूपए के भुगतान को भी निश्ििचत कि है सहकारी समितियों के हड़ताल में चले जाने के कारण यह खरीदी प्रभावित हो गई थी, अब वे वापस आ गए हैं।
आर. शर्मा
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