धमतरी, 24 नवम्बर (आरएनएस)। सेजेस सिंगपुर,मगरलोड में विगत वर्ष माँ भी स्कूल आएगी कार्यक्रम का सफल आयोजन जिले के अधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ था। इस कार्यक्रम में सत्रह गाँव से छै सौ माताएं शामिल हुई थीं।यह कार्यक्रम इतना प्रभावी एवम रचनात्मक था कि इस कार्यक्रम के बाद विद्यालय की दशा एवम दिशा में बड़ा बदलाव आया। भौतिक संसाधनों की व्यवस्था सहित विद्यालयीन दिनचर्या,विद्यालयीन योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु निर्णय प्रक्रिया में माताओं को ओनरशिप देने से माताओं का भी मनोबल बढ़ा। फलत: माताओं की पहल से बच्चों की समय पर उपस्थिति से लेकर पूरे समय तक अनुशासन के साथ उपस्थिति,पूरी तैयारी के साथ उपस्थिति,गृह कार्य के साथ उपस्थिति के साथ विद्यालय की प्रत्येक गतिविधि में बच्चों की भागीदारी को देख माताओं के प्रति विद्यालय प्रशासन एवम एस. एम डी. सी. का विश्वास बढ़ा। माताओं का विद्यालय से गहरा रिश्ता एवम उनकी रचनात्मक पहल का परिणाम ही था कि यहाँ कक्षा दसवीं एवम बारहवीं का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा । यह माताओं की सक्रियता से ही सम्भव हो पाया था।इस कार्यक्रम के बाद यहाँ कई कार्यक्रम आयोजित किये गए जिसमें कलेक्टर अविनाश मिश्रा का मार्गदर्शन माताओं एवम पालकों को मिला। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने माताओं को साफ शब्दों में कहा था कि विद्यालय एवं ग्राम का विकास केवल शासन के भरोसे सम्भव नहीं है इसके लिए आम जन को सामने आना होगा। अब कलेक्टर अविनाश मिश्रा के मार्गदर्शन और जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल की पहल से सेजेस सिंगपुर में एन. आर.एल.एम. से जुड़ी हुई माताओं एवम महिला पंचों के साथ बड़ी बैठक कर विद्यालयीन गतिविधि को परिणाम मूलक बनाने हेतु लम्बी बातचीत की गई है। बातचीत में विद्यालय प्रशासन एवम माताओं ने एक मतेन निर्णय लिया कि सेजेस सिंगपुर में बोर्ड परीक्षा के परिणाम को विगत वर्ष की भांति दुहराया जाएगा। चाहे इसके लिए दोनों पक्षों को कुछ भी करना पड़े। उपस्थित माताओं ने हर तरह का सहयोग देने का वचन दिया। विद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉ व्ही .पी .चन्द्रा ने बच्चों के लिए प्रात: उठने से लेकर रात्रि सोने तक के लिये टाइम टेबल प्रस्तुत करते हुए इसकी प्रति माताओं को देतेंहुये उनसे आह्वान किया कि माताएं टाइम टेबल का पालन घर पर कराएं। सभी माताएं एकजुटता के साथ अपने अपने घरों में बच्चों को तीन से चार घण्टे पढ़ाने लिखाने का काम करें तो रिजल्ट शत प्रतिशत अच्छा आएगा। माताओं को घर पर शिक्षक की भूमिका में आने की जरूरत है। माताएं अपने बच्चों को जो शिक्षा दे सकती हैं वह शिक्षा दुनिया का कोई शिक्षक नहीं दे सकता। जेम्स वाट, थॉमस अल्वा एडिशन, आइंस्टीन ,जीजा बाई के उदाहरणों से माताओं में आत्मविश्वास जगाया गया। बातचीत में यह भी कहा गया किबजिन माताओं के बच्चे बोर्ड कक्षा में नहीं हैं वे भी गाँव के बच्चों को अपना बच्चा समझकर मार्गदर्शन करे तो निश्चित ही लक्ष्य की प्राप्ति होगी। प्राचार्य ने यह भी कहा कि इस प्रस्ताव का शत प्रतिशत क्रियान्वयन तभी सम्भव है जब माताएं कुछ बातों को विद्यालय आकर सीखेंगी। माताओं के लिए बहुत सारी गतिविधियों को विद्यालय में कराने की जानकारी दी गई। ज्ञात हो कि सेजेस सिंगपुर में पालकों के द्वारा प्रदत्त पचहत्तर इंच के स्मार्ट टी .व्ही . का उपयोग पालकों के क्षमता संवर्धन हेतु, मोटिवेशनल फि़ल्म दिखाने हेतु , शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचार हेतु , बच्चों की शिक्षा दीक्षा में मातृ शक्ति की भूमिका,बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम,शिक्षा में पालकों की भागीदारी बढ़ाने हेतु,स्वास्थ्य एवम शिक्षा,शिक्षा में गरीबी नहीं बाधा जैसे विषय एवम अन्यान्य विषय पर फि़ल्म प्रदर्शन के लिए किया जाता है।उपस्थित माताओं ने प्राचार्य के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए सहमति के हाथ उठाकर नारे लगाए- माँ स्कूल में सीखने आएगी, माँ भी घर पर पढ़ाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि माताओं के उन्मुखीकरण सह समीक्षा के लिए प्रत्येक पन्द्रह दिन में एक बार बैठक होगी। इस बैठक में सैकड़ों की संख्या में माताएं उपस्थित थीं जिनमें प्रमुखत: सिंगपुर से सफीना बानो ,लीला बाई,लेखनी बाई,यामिनी यादव,हेमा ध्रुव,गिरहोलाडीह से खिलेश्वरी ध्रुव,किरण,केकराखोली से मुकेश्वरी मंडावी,निर्मला मरकाम,अहिल्या कुंजाम, सिरकट्टा से सन्तोषी,श्यामा बाई,अघन बाई,भण्डारवाड़ी से टामेश्वरी ठाकुर,अरुणा बाई,पूर्णिमा ध्रुव,कमईपुर से शालिनी यादव,सोनझरी से सेवती बाई ठाकुर,पालवाड़ी से दमयन्ती मरकाम,जागेश्वरी बाई,नर्मदा बाई,खड़मा से भिनेश्वरी साहू,मंजुला यादव,रावतमुड़ा से धनेश्वरी,धनोरा से रेवती बाई साहू,मालती बाई नेताम,कुमारी बाई,कासरवाही से रेवती मरकाम,अंजोरा से सरोजबाई साहू,भोभलाबहरा से गमिला ध्रुव,मानो ध्रुव,बिमला ध्रुव आदि उपस्थित थे।
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