-प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बनाया गया था चिकत्सा सेवा का प्रभारी
अयोध्या 24 नवंबर (आरएनएस)। जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का सपना साकार होने के अवसर पर प्रधानमंत्री और संघ प्रमुख के हाथों आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में इस्लामीकरण विरोधी सेना के तत्कालीन कमांडर डा मृदुल शुक्ल को भी आमंत्रित किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में इनको चिकत्सा सेवा का प्रभारी बनाया गया था।
अयोध्या में मक्का खुर्द के निर्माण की चर्चा के बीच महंत अवैद्यनाथ,महंत परमहंस दास अशोक सिंघल और चंपत राय से विचार-विमर्श के बाद वर्ष 1994 में गठित इस्लामीकरण विरोधी सेना का कमांडर विद्यार्थी परिषद से साकेत छात्रसंघ का चुनाव जीते मृदुल शुक्ला को बनाया गया था। तीन वर्षों तक अयोध्या की गलियों गलियों में इस सेना की ओर से प्रतिदिन विरोध और शक्ति प्रदर्शन यात्रा निकाली गई। साथ ही विभिन्न मंदिरों में संकल्प यज्ञ आयोजित किया गया। वर्तमान में डॉ मृदुल एनबीआरआई लखनऊ में वैज्ञानिक हैं और देहात क्षेत्र में विज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं।विज्ञान भारती के अवध प्रान्त के सचिव तथा विज्ञान भारती एसोसिएशन ऑफ़ एनजीवो इंडिया (विभा वाणी )के प्रदेश चीफ कोऑर्डिनेटर रह चुके हैं।
डॉ शुक्ल को लखीमपुरी के गोला गोकर्ण नाथ मे कृषक समाज इंटर कॉलेज तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज,वाणी तथा स्वयं सेवी संगठनों के द्वारा आयोजित समारोह में अटल बिहारी वाजपई वैज्ञानिक आउटरीच पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही इनको सरजू रत्न पुरस्कार,भारत विभूषण पुरस्कार,राष्टीय उत्कृष्ठता पुरस्कार,स्वर्गीय राधेश्याम शुक्ल लीलावती सम्मान,कर्मयोगी सम्मान,राष्ट्र धर्म सेवा पुरस्कार,विज्ञान गौरव सम्मान,तराई विज्ञान पुरस्कार,गुटम बुद्धा विज्ञान पुरस्कार,यूपी प्रगति रत्न पुरस्कार,स्वर्गीय बाल गोविन्द वर्मा स्मृति वैज्ञानिक पुरस्कार,उत्तर प्रदेश संस्कृति पुरस्कार,साइंटिस्ट ऑफ़ दी ईयर अवार्ड, यूपी सरकार का युवा वैज्ञानिक पुरस्कार,डीएसटी भारत सरकार का विज्ञान समरसता पुरस्कार,लैब टू लैंड अवार्ड,श्रेष्ठ गुरुजन अवार्ड,विज्ञान शिरोमणि अवार्ड,एनबीआरआई से बेस्ट रिसर्च पेपर अवार्ड इत्यादि पुरस्कार मिल चुके है।
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