भारत मुक्ति मोर्चा ने सौंपा वृहद ज्ञापन: तथ्यों के साथ दिया जानकारी
बस्ती 17 जून (आरएनएस)। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ‘बीएसएÓ अनूप कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अनियमितताओं, शिक्षकों के उत्पीडऩ तथा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए बुधवार को जिलाधिकारी को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा गया है। शिकायतकर्ता आर.के. आरतियन, पूर्वांचल जोन प्रभारी, भारत मुक्ति मोर्चा ने मामले में उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराने के साथ ही प्रभावी कार्यवाई की मांग किया है।डीएम को दिये शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग में विभिन्न योजनाओं एवं मदों के तहत शासन से प्राप्त धनराशि के उपयोग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं। आरोप है कि परिषदीय विद्यालयों, पीएमश्री विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लिए भेजी गई धनराशि से कथित रूप से कमीशनखोरी की जा रही है तथा कुछ चुनिंदा फर्मों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर विशेष फर्मों से सामग्री क्रय करने का दबाव बनाया जाता है। आरोपों के अनुसार ऐसा न करने वाले शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध जांच, निलंबन तथा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का भय दिखाया जाता है।शिकायत पत्र में विद्यालय निर्माण, मरम्मत कार्य, बाला पेंटिंग, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, अतिरिक्त कक्षा-कक्ष निर्माण, खेल सामग्री, लर्निंग बाई डूइंग सामग्री तथा अन्य खरीद प्रक्रियाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। कुछ फर्मों को लाभ पहुंचाने तथा गुणवत्ता विहीन सामग्री की आपूर्ति कराए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।इसके अतिरिक्त शिकायत में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, संविदा कर्मियों, सेवा प्रदाताओं एवं अन्य पदों पर नियुक्तियों में कथित रूप से धन उगाही कर नियुक्तियां देने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने मृतक आश्रित नियुक्तियों, ईसीसी भर्ती तथा अन्य चयन प्रक्रियाओं में भी अनियमितताओं की जांच की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विभाग के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला समन्वयकों तथा कथित रूप से संबंधित फर्म संचालकों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। साथ ही बीएसए एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों तथा आय के स्रोतों की जांच कराए जाने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक बीएसए को संवेदनशील पद से हटाकर अन्यत्र संबद्ध किया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके और साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।डीएम के प्रशासनिक अधिकारी को डीएम को सम्बोधित पत्र सौंंपने के दौरान मुख्य रूप से राम सुमेर यादव, दीपक आर्य, मो. आरिफ, मो. अजीम, चन्द्र प्रकाश गौतम आदि शामिल रहे।
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