बिलासपुर , 25नवंबर 2025(आरएनएस) स्थानीय न्यू बस स्टैंड के समीप एक सभागार में धरा वंदन छत्तीसगढ़ साहित्य द्वारा पुस्तक विमोचन व कमी सम्मेलन के साथ कवियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कृति के संपादक वरिष्ठ कवि भूपेन्द्र श्रीवास्तव और उप संपादक ओज के सुप्रसिद्ध युवा कवि दीपक दुबे’ सागर हैं, साथ में आयोजन टीम के सम्मानित सदस्य रहे वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक अशोक शर्मा बेहतरीन गीतकार विक्रम सेंगर एवं प्रसिद्ध गजलकार अनमोल सिन्हा। इस साझा संग्रह में बिलासपुर सहित पूरे देश के सुप्रसिद्ध 58 कवि, कवयित्रियों की देशभक्ति पूर्ण कविताएं संग्रहित हैं ।
इस संग्रह के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए देश के सुविख्यात भाषाविद् समीक्षक डाॅ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार ने लिखा है कि—” तिरंगे में लिपट जाऊं” साझा काव्य संग्रह में राष्ट्रीयता पर केंद्रित और समसामयिक स्थितियां कारगिल युद्ध, पहलगाम एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर एवं शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि पर आधारित रचनाएं राष्ट्रीय विमर्श के को पल्लवित पुष्पित करेंगे इस महान उद्देश्य को लेकर देश के प्रतिनिष्ठित कवियों का यह अभिनव संग्रह पठनीय ही नहीं अपितु मननीय भी है। इसके प्रकाशन के लिए हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूं ।“ वरिष्ठ साहित्यकार समीक्षक रमेश चंद्र श्रीवास्तव जी ने अपनी शुभकामना संदेश में लिखा है कि” यह काव्य संग्रह एक और भारतीय जनमानस पर राष्ट्र प्रेम राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीयता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगी, तो वहीं दूसरी ओर एयर स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर , भारतीय तिरंगे पर आधारित कविताओं से भारतीय सेना के शौर्य गाथा के अनुगूंज देश के कोने-कोने में सुनी और पढ़ी जा सकेगी । इस साझा काव्य संग्रह में देश के चुने हुए प्रतिनिधि कवियों सहित युवा कवियों की कविताएं संकलित की गई हैं जिससे हमारी नई पीढ़ी में भी राष्ट्रवाद की जड़ें और मजबूत और परिवर्धित होगी।बधाई देते हुए प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार सारस्वत कुलपति पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ ने लिखा है कि” यह साझा संकलन भारतीय वीरों के त्याग बलिदान एवं राष्ट्रभक्ति को प्रत्येक जन मन में कर्तव्य बोध को किसलय की भांति सिंचित करने में सहयोग करे तथा आने वाली पीढ़ी में मातृभूमि की सेवा हेतु एक प्रेरणा बने । यह प्रयास निश्चय ही साहित्य जगत में अभूतपूर्व योगदान सिद्ध हो ,और हमारे नवयुवकों को मातृभूमि के प्रति राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रखर करने में सहायक हो। इन्हीं भावनाओं के साथ संपादकीय टीम को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ।“ वहीं आचार्य अरुण दिवाकर नाथ बाजपेई कुलपति अटल बिहारी वाजपेयी विश्व विद्यालय ने भी अपने आशीर्वचन में लिखा है कि-“ यह संकलन न केवल भारतीय सैनिकों के त्याग बलिदान एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को समर्पित है ,बल्कि यह नई पीढ़ी को देश सेवा की प्रेरणा भी प्रदान करेगा । आपका यह प्रयास निश्चय ही साहित्य जगत में एक अमूल्य योगदान सिद्ध होगा । इसके योगदान से देश के युवाओं में राष्ट्र प्रेम की भावना को भी सशक्त करेगा ।“
आयोजन में उपस्थित विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध समाज सेविका एवं भाजपा नेत्री श्रीमती स्मृति वैष्णव जैन एवं डॉ.श्याम लाला निराला जी ने इस आयोजन हेतु पूरे टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक डॉ.राघवेंद्र दुबे ने ऐसे ही आयोजनों करने की बात कही जिससे भारत के नवयुवकों में देश प्रेम को लेकर जागरूकता बढ़े। वैभव दुबे ने कवि सम्मेलन का शानदार मंच संचालन किया। वहीं प्रथम सत्र में श्रीमती किरण राठौर ने अपने मृदुल वाणी से मंच संचालन कर लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिए। साथ ही शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं के उत्कृष्ट प्रतिभाव को मंच द्वारा सम्मानित किया गया। आयोजन में सुप्रतिष्ठित कवि सुरेंद्र शर्मा, सुरेश सिंह बैंस, जगतारण डहरे, प्रेम नारायण चौबे, श्रीमती पूर्णिमा तिवारी, तेजपाल सेंगर, दीपक शर्मा, विशाल सक्सेना, रविन्द्र पाठक एवं देश के विभिन्न प्रांत के सुप्रसिद्ध साहित्यकार उपस्थित रहे।
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