लखनऊ ,29 नवंबर (आरएनएस)। पुलिस कमिश्नरेट के पूर्वी जोन में थाना चिनहट पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग लीडर कुलदीप सिंह की 98,44,625 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर राज्य के पक्ष में जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत की गई।अभियुक्त कुलदीप सिंह, निवासी राधापुरम् कॉलोनी, कंचनपुर मटियारी, मूल निवासी ग्राम बसौली, थाना मोहम्मदपुर खाला, जिला बाराबंकी, पर हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस की विवेचना में यह पुष्टि हुई कि उसने अपराध के माध्यम से भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की थी। 21 नवंबर 2025 को संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय), लखनऊ द्वारा जारी आदेश में उसकी कुल 98.44 लाख रुपये की संपत्तियों को राज्य के पक्ष में कुर्क करने का निर्देश दिया गया था।निर्देश के अनुपालन में 29 नवंबर 2025 को थाना चिनहट के प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर जाकर कुलदीप सिंह की संपत्ति जिसमें चल और अचल दोनों प्रकार की परिसंपत्तियां शामिल थीं—को कुर्क कर जब्तीकरण की कार्रवाई पूरी की। यह संपत्ति हत्या, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मुकदमा संख्या 213/2023 (धारा 302/201/120बी/420/467/468/471 भादवि) के आधार पर चिह्नित की गई थी।यह मामला 20 मई 2023 की उस सनसनीखेज घटना से जुड़ा है, जिसमें वादी राम मिलन की बहू पूजा (उम्र 28 वर्ष) की हत्या कर उसके नाम पर लोन और अन्य आर्थिक लाभ लेने की सुनियोजित साजिश रची गई थी। जांच में सामने आया कि कुलदीप सिंह समेत छह आरोपियों ने कुटरचित दस्तावेज तैयार कर मृतिका को धोखे से इस्तेमाल किया और बाद में हत्या कर दी। इस प्रकरण के बाद कुलदीप और उसके गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।
अभियुक्त कुलदीप का आपराधिक इतिहास अत्यंत गंभीर है। उसके खिलाफ अयोध्या और बाराबंकी में मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी, जालसाजी और सड़क हादसों के मामले दर्ज हैं, जबकि चिनहट में हत्या और साजिश का बड़ा मुकदमा भी चल रहा है। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में भी वही गैंग लीडर के रूप में चिह्नित है।जब्तीकरण की इस कार्रवाई में थाना चिनहट और थाना बीबीडी की संयुक्त पुलिस टीम शामिल रही। चिनहट टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र मिश्र ने किया, जबकि बीबीडी टीम प्रभारी निरीक्षक राम सिंह के नेतृत्व में मौजूद रही। दोनों टीमों ने पर्याप्त बल के साथ मौके पर पहुंचकर विधिसम्मत तरीके से संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की।लखनऊ पुलिस का यह कदम गैंगस्टर और अपराधियों की अवैध संपत्ति पर की गई बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है, जिसका उद्देश्य संगठित अपराध पर सख्त प्रहार करना और अपराध से अर्जित अवैध धन को समाप्त करना है।
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