सुलतानपुर 30 नवंबर (आरएनएस )। प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में शुरू की गई 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में वरदान साबित हो रही है। इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करते ही वेटरनरी टीम पशुओं के इलाज के लिए सीधे घर पहुंच रही है, जिससे पशुपालकों को समय, धन और परेशानियों से बड़ी राहत मिल रही है। ताज़ा मामला अखंडनगर ब्लॉक के अहिरी फिरोजपुर गांव का सामने आया है। गांव के निवासी रवि ने बताया कि उनकी गाय कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थी। गाय के बच्चेदानी में इंफेक्शन हो गया था और वह चारा तक नहीं खा रही थी। कई निजी डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद कोई सुधार न होता देख रवि निराश हो चुके थे। इसी बीच किसी ने उन्हें 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की सलाह दी। कॉल के कुछ समय बाद ही डॉक्टर मित्रसेन यादव, एमटीएस अनिल यादव और पायलट अनुभव की टीम उनके घर पहुंच गई और गाय का इलाज शुरू किया। टीम द्वारा किए गए उपचार के बाद अब गाय की हालत में काफी सुधार हो चुका है। रवि ने बताया कि “यदि यह सेवा न होती तो शायद हमारी गाय बच नहीं पाती। सरकार की यह सुविधा हमारे जैसे पशुपालकों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। “ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन ही आम लोगों की आय का प्रमुख साधन होता है, ऐसे में सरकार की यह पहल पशुपालकों के चेहरे पर मुस्कान ला रही है। लगातार जिले में सैकड़ों पशुपालक 1962 सेवा का लाभ उठाकर अपने बीमार पशुओं का सफल उपचार करा रहे हैं। 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट सेवा न केवल पशुपालकों को राहत दे रही है, बल्कि पशुधन संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है। सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

