कुशीनगर, 30 नवम्बर (आरएनएस)। जनपद के रामकोला कस्बा स्थित मां गीतांजलि हॉस्पिटल में बीते दिनों इलाज के दौरान प्रसूता की मौत के मामले में मृत्यु के संबंध में जांच टीम ने जिलाधिकारी के सामने जांच रिपोर्ट पेश किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने हास्पीटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया। जिलाधिकारी के इस कार्यवाही से हास्पीटल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
बताते चलें कि बीते दिनों पूनम देवी पत्नी महेन्द्र कुशवाहा निवासी सोहरौना, थाना रामकोला की प्रसव पीड़ा होने पर परिजन नजदीक के मां गीतांजलि हास्पीटल भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान प्रसुता की मौत हो गई। परिजनों ने हास्पीटल संचालक पर प्रसुता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा कर काफी हंगामा कर दिए। इस मामले को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने गंभीर से लेते हुए सीएमओ कुशीनगर को जांच टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय संयुक्त जांच समिति में डा. अवधेश प्रसाद, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डा. शेष कुमार विश्वकर्मा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला एवं डा. आनन्द प्रकाश गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला द्वारा उक्त घटना की विस्तृत जांच कर अपनी जांच आख्या 28 नवंबर को प्रस्तुत किया। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल संचालक अरविन्द कुमार शर्मा, डॉ. मीरा शर्मा इंचार्ज, सर्जन डॉ. विकास मंडलोई तथा आशा कार्यकर्ता मजहरून्निशा के विरुद्ध गंभीर लापरवाही पाए जाने की पुष्टि की है।
समिति ने अपनी संस्तुति में कहा है कि अध्यक्ष, जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण की अनुमति के उपरांत मां गीतांजलि हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त किया जाना उचित होगा। जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही संबंधित दोषियों के विरुद्ध क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट–2010 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की भी अनुशंसा की गई है।
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