मेरठ 30 नवंबर (आरएनएस ) उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने जनपद के समस्त किसान भाइयों को सूचित करते हुये बताया कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजनान्तर्गत सोलर पम्प के 285 लक्ष्य के सापेक्ष बुकिंग हेतु विभागीय पोर्टल दिनांक 26 नवम्बर 2025 से दिनांक 15 दिसंबर 2025 तक खुला रहेगा। इस हेतु कृषक द्वारा विभागीय वेबसाइट द्धह्लह्लश्चह्य://ड्डद्दह्म्द्बष्ह्वद्यह्लह्वह्म्द्ग.ह्वश्च.द्दश1.द्बठ्ठ पर अनुदान पर सोलर पम्प हेतु बुकिंग करें लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।
सोलर पम्प की स्थापना हेतु पात्रता व शर्तें:-सोलर पम्प की बुकिंग हेतु विभागीय पोर्टल दिनांक 26 नवम्बर 2025 से 15 दिसंबर 2025 के मध्य खुला रहेगा इसके पश्चात किसी प्रकार की बुकिंग नहीं की जा सकेगी। लक्ष्य से अधिक बुकिंग होने पर जनपद स्तरीय गठित समिति के समक्ष कृषकों का चयन ई. लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। कृषकों को ऑनलाइन बुकिंग के साथ रू0 5,000.00 टोकन मनी के रूप में ऑनलाइन जमा करने होंगें। पोर्टल पर जनपदवार 02 एचपी एवं 03 एचपी का लक्ष्य सम्मिलित रूप से प्रदर्शित होगा। कृषक अपनी आवश्यकतानुसार सोलर पम्प का चयन कर आगे बढ़ सकते है। 2 एचपी हेतु 4 इंच, 3 एवं 5 एचपी हेतु 6 इंच तथा 7.5 एवं 10 एचपी हेतु 8 इंच की बोरिंग होना अनिवार्य है एवं सत्यापन के समय उपयुक्त बोरिंग न पाए जाने पर टोकन मनी की धनराशि जब्त कर ली जाएगी एवं आवेदन निरस्त हो जाएगा।
22 फीट तक 2 एच.पी, सरफेस, 50 फीट तक 2 एच.पी, समर्सिबल, 150 फीट तक 3 एच.पी. सबमर्सिबल, 200 फीट तक 5 एच.पी. सबमर्सिबल, 300 फीट तक की गहराई पर उपलब्ध जल स्तर हेतु 7.5 एच.पी. तथा 10 एच.पी. सबमर्सिबल सोलर पंप उपयुक्त होते हैं। कृषकों द्वारा की गयी बुकिंग को कंफर्म करने के उपरांत इसका संदेश कृषकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पहुंच जाएगा। कृषकों को बुकिंग कंफर्म होने के पश्चात निर्धारित अवधि के अंदर अवशेष कृषक अंश की धनराशि ऑनलाइन टोकन जनरेट कर चालान द्वारा इंडियन बैंक की किसी भी शाखा में अथवा ऑनलाइन जमा करनी होगी अन्यथा कृषक का चयन स्वत: निरस्त हो जाएगा एवं टोकन मनी की धनराशि जब्त कर ली जाएगी। कृषक सोलर पंप स्थापित होने के पश्चात स्थल परिवर्तन नहीं करेंगे, यदि स्थल परिवर्तन किया जाता है, तो संपूर्ण अनुदान की धनराशि कृषक से वसूल कर ली जाएगी।
प्रदेश में सिंचाई हेतु विद्युत रहित क्षेत्रों में उपयोग किए जा रहे डीजल पंप अथवा अन्य सिंचाई साधनों को सोलर पंप में परिवर्तित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त जिन कृषकों के ट्यूबवेल पर सोलर पंप की सुविधा दी जाएगी, ऐसे लाभार्थियों को भविष्य में भी उस बोरिंग पर विद्युत कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। दोहित एवं अत्ति दोहित क्षेत्रों में नए सोलर पंपों की स्थापना नहीं की जाएगी, किंतु यदि कृषक सूक्ष्म सिंचाई तकनीकी का उपयोग कर रहा है, तो पूर्व से स्थापित डीजल पंप सेटों को सोलर पंप में परिवर्तित किया जा सकता है, किंतु यदि कृषक सूक्ष्म सिंचाई तकनीकी का उपयोग नहीं कर रहा है, तो उसे सूक्ष्म सिंचाई तकनीकी का लाभप्राप्त करने हेतु उद्यान विभाग का त्रिपक्षीय अनुबंध सत्यापन के समय उपलब्ध कराने के पश्चात ही सोलर पंप का लाभ दिया जाएगा अन्यथा रू0 5,000.00 टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी। कृषक द्वारा बैंक से ऋण लेकर कृषक अंश जमा करने पर कृषि अवस्थापना निधि (ए.आई.एफ.) के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 3 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा 3 प्रतिशत (कुल 6 प्रतिशत) की छूट ब्याज में प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
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