प्रयागराज 30 नवंबर (आरएनएस )। सनातन धर्म की सर्वोच्च आध्यात्मिक परंपरा के शिरोमणि, पूर्वाम्नाय गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज का जम्मू- कश्मीर का तीन दिवसीय प्रवास आध्यात्मिक ऊर्जा, राष्ट्रभाव और सामाजिक समरसता का अद्वितीय संगम सिद्ध हुआ।
प्रवास के प्रथम दिवस डोगरा शौर्यभूमि में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा गिरधारी लाल डोगरा जी का संपूर्ण जीवन सत्ता नहीं, जनकल्याण को समर्पित रहा। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत शंकराचार्य जी माता वैष्णो देवी भवन, कटरा पहुँचे।
यहाँ उन्होंने राष्ट्र की अखंड प्रगति, जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति एवं विकास तथा समस्त विश्व की मंगलकामना के लिए विशेष मंत्रोच्चार एवं महायज्ञ संपन्न कराया। उन्होंने द्वितीय दिवस को हीरानगर में जनमानस को संबोधित किया। प्रवास के तृतीय दिवस चूड़ामणि संस्कृत संस्थान, बसोहली कठुआ में आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया।
इस यात्रा व श्रद्धांजलि कार्यक्रम में श्रीमती संगीता जेटली, श्रीमती निधि डोगरा, महामंडलेश्वर श्री रामेश्वर दास जी महाराज, महंत रोहित शास्त्री (स्टेट अवॉर्डी- श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट, श्रीसत शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद, रमन भल्ला, कार्यकारी अध्यक्ष जे एन्ड के कांग्रेस आदि ने सहभागिता निभाई।
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