:-पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने ब्लाइण्ड मर्डर केस का पर्दाफाश करने वाली टीम को पचीस हजार के नगद पुरस्कार से किया सम्मानित।
गोण्डा 30 नवंबर। रविवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता दौरान जानकारी दी गई कि पन्द्रह दिन पूर्व एक युवती की हत्या कर शव सड़क पर फेका जाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण बना ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर पुलिस एसओजी टीम ने घटना को अंजाम देने वाले भाई व मां को गिरफ्तार कर हत्या मे शामिल बिलोनो कार बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने हत्या का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को पचीस हजार के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
बताते चले तरबगंज थाने क्षेत्र अंतर्गत दुर्जनपुर से अमदही बन्धा रोड पर सड़क के ग्राम कंचनपुर मौजा बनगांव के सामने सुनसान स्थान पर सड़क के किनारे पन्द्रह दिन पूर्व 16 नवम्बर को एक लगभग 22 वर्षीय युवती का शव पडा मिला था।युवती जीन्स का पैट व लाल रंग का स्वेटर पहने थी सिर पर चोट के निशान थे चेहरे पर खून के छीटे थे।ऐसा लग रहा था जैसे सड़क दुर्घटना मे युवती की मौत हुई हो। ग्रामीणो की सूचना पर तरबगंज पुलिस व एसओजी सर्विलांस टीम मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए शव की शिनाख्त भी कराई थी लेकिन युवती की पहचान नही हो सकी थी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ था की युवती की गला दबाकर हत्या करने के उपरांत सिर पर चोट पहुंचाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे हेमोरेजिक शॉक एण्टीमॉर्टम इंजरी पाये जाने के बाद हत्या की पुष्टि होने के बाद तरबगंज थाने मे अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्लाइण्ड मर्डर के सम्बन्ध मे एस0ओ0जी0 सर्विलांस टीम सहित पांच टीमे गठित कर मामले का पर्दाफाश करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय को लगाया था। गठित टीमों द्वारा घटना मे सीसीटीवी फुटेज की जाँच तथा मैनुअल एवं तकनीकी साक्ष्य इक_ा करते हुए जनपद बस्ती के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम परसाजागीर गनेशपुर के मृतका युवती के भाई मनीष व उसकी मां निर्मला देवी को वाल्टरगंज कस्बा के थाना मोड के पास से गिरफ्तार करने बाद पूछताछ मे काफी चर्चित ब्लाइण्ड मर्डर केस परत दर परत खुलने के बाद हत्या मे शामिल बेलोनो कार यूपी 51 बीआर 8287 को पुलिस टीम ने बरामद कर कर लिया है।
पुलिस की माने तो बहन का हत्यारा भाई मनीष ने बताया है की हमारे दो बहने है दोनो स्नातक की शिक्षा ग्रहण कर रही थी।अक्सर मां शिकायत किया किया करती थी की मृतका युवती किसी से मोबाइल फोन पर बात किया करती है। घटना के दिन मै अपने दोस्तो के साथ गोरखपुर गया था। रात्रि लगभग दस बजे वापस लौटा तो देखा बहन अनुराधा किसी से मोबाइल फोन पर बात कर रही है।मां की शिकायत की पुष्टि होने के उपरांत मोबाइल फोन छीनकर तोडते हुए मारने पीटने के बाद जब बेहोश हो गयी तो मां की मदद से रस्सी मे बाध अपनी बेलेनो कार की डिग्गी मे डाल अपने मामा के लडके मुस्कान को फोन लगाकर उसके घर पहुंचकर सुनसान जगह पर ले जाकर रस्सी से गला कसकर लाश को कार मे डालकर अकबरपुर-टाडा के तरफ निकले थे लेकिन पुल पर कार्य चल रहा था जिससे उधर ना जाकर कार के द्वारा दुबौलिया विशेषरगंज होते हुए थाना नवाबगंज क्षेत्र में पेट्रोल डलवा कर वहाँ से थाना तरबगंज क्षेत्रअन्तर्गत पीडी बन्धा मार्ग पर सूनसान जगह देखकर बहन को डिग्गी से बाहर गिरा दिया और उसके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी । जब यह विश्वास हो गया कि वह(बहन) मर गई है, तब हम लोग गाड़ी में बैठकर मनकापुर-बभनान-गौरा होते हुए वापस घर चले गये थे।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया है की यह ब्लाइण्ड मर्डर केस पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था इसको लेकर पांच टीमे गठित की गयी थी गठित टीमो द्वारा मामले का पर्दाफाश कर चुनौतीपूर्ण कार्य को पन्द्रह दिन अंजाम तक पहुंचा है युवती के हत्यारे भाई मनीष व मां निर्मला देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ब्लाइण्ड मर्डर केस के पर्दाफाश करने वाली टीम थाना तरबगंज प्रभारी कमलाकांत त्रिपाठी व एस0ओ0जी0 प्रभारी गौरव सिंह तोमर सहित टीम को पचीस हजार के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तो को जेल भेजा गया है।
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