भटार (पूर्व बर्धमान),30 नवंबर (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के भटार इलाके में एसआईआर के डर से एक महिला ने आत्मदाह कर लिया. मृतक का नाम मस्तूरा खातून (40) है. उसके परिवार का आरोप है कि वह एसआईआर फॉर्म भरने से डर रही थी और इसी वजह से यह घटना हुई. इस घटना को लेकर सत्तारूढ़ टीएमसी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. हालांकि भाजपा का दावा है कि टीएमसी शुरू से ही इस बारे में लोगों को गुमराह कर रही है और लोगों में डर फैला रही है.
मृतक महिला के पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, मस्तूरा खातून राज्य में एसआईआर लागू होने के बाद अलग-अलग खबरें सुनकर घबरा गई थीं. उन्हें किसने समझाया कि अगर उसने यह फॉर्म भरा, तो उसे सभी सरकारी फायदे नहीं मिलेंगे. लक्ष्मी भंडार या राशन जैसी हर चीज से उसका नाम हटा दिया जाएगा. इस सब से वह घबराने लगी. उसके घरवालों ने उससे फॉर्म भरवाया. लेकिन उसका भ्रम दूर नहीं हो सका. शुक्रवार को उसका फॉर्म भरा गया. फिर देर रात उसने आग लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की. उसके घरवालों ने उसे बचाया और भाटा स्टेट जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया. वहां उसकी मौत हो गई.
इस दुख घटना की सूचना मिलने पर भटार क्षेत्र से टीएमसी विधायक मंगोबिंद अधिकारी महिला के परिवार वालों से मिलने उनके घर पहुंचे. उन्होंने कहा, एसआईआर के डर से एक महिला ने जान दे दी. मामले की जानकारी राज्य सरकार को दे दी गई है.
मृतक की बहन अस्तुरा खातून ने बताया कि उसकी बहन ने स्ढ्ढक्र के डर से खुद को आग लगा ली. उनके मुताबिक, जैसे ही एसआईआर फॉर्म भरना शुरू हुआ, उसकी बहन को घबराहट होने लगी. किसी ने उसे समझाया था कि अगर उसने फॉर्म भरा तो उसे सभी सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी. यहां तक कि उसे सारा राशन और लक्ष्मी भंडार का पैसा भी नहीं मिलेगा. इसलिए वह फॉर्म नहीं भरना चाहती थी. काफी समझाने के बाद भी उसकी गलतफहमी ठीक नहीं हुई. लेकिन, परिवार ने मस्तुरा खातून को एसआईआर फॉर्म भरने के लिए राजी कराया. इसके बाद उसने खुद को आग लगा ली.
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