रायपुर,30 नवंबर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आईआईएम में तीन दिवसीय डीजीपी और आईजीपी कॉन्फ्रेंस का रविवार को समापन हो गया. इस कॉन्फ्रेंस में पुलिसिंग को मजबूत करने, पुलिस के बारे में लोगों की सोच बदलने, नए क्रिमिनल कानूनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया. इस कॉन्फ्रेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने का व्यापक दृष्टिकोण पेश किया.
पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए पीएम मोदी ने पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने, युवाओं तक पहुंच बढ़ाने, शहरी व पर्यटन पुलिसिंग को मजबूत बनाने और नए आपराधिक कानूनों की जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रौद्योगिकी, एआई और राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड के व्यापक उपयोग के साथ ही द्वीप व तटीय सुरक्षा तथा फोरेंसिक आधारित जांच में नवाचार की आवश्यकता रेखांकित की।
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विस्तृत मंथन हुआ, जिसमें ‘विजन 2047Ó पुलिस रोडमैप, आतंकरोधी रुझान, महिला सुरक्षा, भगोड़ों की ट्रैकिंग और फोरेंसिक सुधार शामिल रहे। प्रधानमंत्री ने आपदाओं से निपटने में बेहतर तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया पर बल देते हुए चक्रवात, बाढ़ और प्राकृतिक आपात स्थितियों के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण को अपनाने की जरूरत बताई।
उन्होंने पुलिस नेतृत्व से विकसित भारत की राष्ट्रीय सोच के अनुरूप पुलिसिंग में आधुनिकीकरण व सुधार तेज करने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को नए शहरी पुलिसिंग अवॉर्ड से सम्मानित किया।
डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शुक्रवार 28 नवंबर को हुई. इस दिन देश के सर्वश्रेष्ठ थानों को सम्मानित किया गया. साल 2025 कुल 70 थानों में से शीर्ष 10 का चयन किया गया, जिनमें से तीन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले दिन सत्र की अध्यक्षता की. उन्होंने इस अवसर पर कहा कि अगले डीजीपी मीट तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. अमित शाह ने कहा कि इंटेलिजेंस की सटीकता, उद्देश्य की स्पष्टता और कार्रवाई की तालमेल। केंद्रीय गृह मंत्री ने जोर दिया कि इन तीन बिंदुओं पर काम करके हम कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर लगातार अटैक कर रहे हैं.
डीजीपी और आईजीपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने कुल चार सत्रों की अध्यक्षता की. इस कॉन्फ्रेंस को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत के सिक्योरिटी सिस्टम के अलग अलग पहलुओं पर चर्चा और मंथन जारी है. इस अवसर पर पीएम मोदी ने सर्वोत्तम कार्यप्रणाली और नवाचारों को अपनाने की बात कही.
ऑल इंडिया डीजीपी और आईजीपी मीट के तीसरे दिन पीएम मोदी ने कुल 2 सत्रों को संबोधित किया. उन्होंने पुलिस के बारे में लोगों की सोच बदलने, युवाओं तक पहुंच बढ़ाने, शहरी और टूरिस्ट पुलिसिंग को मजबूत करने और नए क्रिमिनल कानूनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
प्रधानमंत्री ने पुलिसिंग में प्रोफेशनलिज्म, सेंसिटिविटी और रिस्पॉन्सिवनेस को बढ़ाने पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनाना बेहद ज़रूरी है. पुलिस को अब फोर्स नहीं, बल्कि सेवा और विश्वास का चेहरा बनना होगा. जनता से संवाद, भरोसा और सहानुभूति पुलिसिंग के नए मानक होने चाहिए.
प्रधानमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता को आधुनिक न्याय प्रणाली का आधार बताया. उन्होंने कहा कि इनके बारे में आम जनता और अधिकारियों के बीच जागरूकता फैलाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये नए कानून पुराने औपनिवेशिक ढांचे को पूरी तरह बदलकर न्याय प्रणाली को अधिक सक्षम और नागरिक-केंद्रित बनाएंगे.
पीएम मोदी ने देश में बैन किए गए संगठनों की रेगुलर मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम बनाने पर जोर दिया. उन्होंने लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज़्म से मुक्त इलाकों का पूरा विकास पक्का करने, और कोस्टल सिक्योरिटी को मज़बूत करने के लिए नए मॉडल अपनाने की अहमियत दोहराई. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ड्रग्स के गलत इस्तेमाल से निपटने के लिए पूरी सरकार का नज़रिया ज़रूरी है, जिसमें एनफोर्समेंट, रिहैबिलिटेशन और कम्युनिटी लेवल पर दखल देना शामिल है.
इस कॉन्फ्रेंस में नेशनल सिक्योरिटी के कई मामलों पर गहराई से चर्चा हुई. विजऩ 2047 के लिए पुलिसिंग के लॉन्ग-टर्म रोडमैप, काउंटर-टेररिज्म और काउंटर-रेडिकलाइजेशन में उभरते ट्रेंड्स पर चर्चा हुई. इसमें महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, विदेश में मौजूद भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की स्ट्रैटेजी, और असरदार जांच और मुकदमा चलाने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने पर मंथन हुआ.
पीएम मोदी ने मजबूत तैयारी और कोऑर्डिनेशन की जरूरत पर जोर दिया. इसमें साइक्लोन, बाढ़ और दूसरी प्राकृतिक इमरजेंसी, जिसमें साइक्लोन दितवाह की मौजूदा स्थिति भी शामिल है. ऐसे प्राकृतिक आपदा समय असरदार डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए मैकेनिज्म को मजबूत करने का आग्रह किया.
पीएम मोदी ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को खास सेवा के लिए प्रेसिडेंट पुलिस मेडल बांटे. उन्होंने शहरी पुलिसिंग में सबसे अच्छा काम करने वाले तीन शहरों को अवॉर्ड भी दिए. यह अवॉर्ड शहरी पुलिसिंग में इनोवेशन और सुधार को बढ़ावा देने के लिए पहली बार शुरू किया गया है. 28 नवंबर को इस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई और 30 नवंबर को इसका समापन हुआ है.
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