नईदिल्ली,01 दिसंबर (आरएनएस)। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित दिया। उन्होंने राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं सभापति को बहुत बधाई देता हूं। सदन के जरिए देश को प्रगति पर ले जाने के लिए मुद्दों पर चर्चा और आपका अमूल्य मार्गदर्शन हम सबके लिए है। सदन में बैठे सभी सदस्य गरिमा बनाए रखेंगे, ये मैं आपको भरोसा दिलाता हूं। राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद यह पहला सत्र है।
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे सभापति जी सामान्य परिवार से आते हैं। पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया है। समाजसेवा उनकी निरंतरता रही है। आपका यहां तक पहुंचना हम सबका मार्गदर्शन करता है। आप कई राज्यों के राज्यपाल रहे। झारखंड में आदिवासी समाज के बीच जिस तरह से आपने नाता बनाया, जिस तरह छोटे गावों का दौरा करते, वहां के मुख्यमंत्री गर्व के साथ मुझे ये बताते थे। हेलिकॉप्टर हो न हो, आप चले जाते थे।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही खूब हंगामा हआ। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला सांसदों ने शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ और हंगामे के बीच ही कार्यवाही जारी है। इसके बाद कार्यवाही पहले 12 और फिर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले लोकसभा में पूर्व सदस्यों के निधन पर मौन रखा गया।
लोकसभा में हंगामे पर स्पीकर बिरला ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, इस तरह से सदन को बाधित करना ठीक नहीं है। तख्तियां लेकर आप लोग आ रहे हैं, यह उचित नहीं है। पूरी दुनिया में यह संदेश जाना चाहिए कि भारत की सांसद सक्रिय रूप से चलती है और सभी सांसद इसमें भागीदारी करते हैं। स्पीकर ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीट पर वापस जाने की अपील की।
प्रधानमंत्री के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, चुनावी स्थिति, एसआईआर और प्रदूषण जैसे मुद्दे बहुत बड़े हैं। आइए इन पर चर्चा करें। संसद किस लिए है? यह कोई तमाशा नहीं है। मुद्दों पर बात करना और उन्हें उठाना तमाशा नहीं है। असली तमाशा तो यह है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोकतांत्रिक चर्चा ही न होने दी जाए। प्रदूषण पर हमें चर्चा क्यों नहीं करने दी जा रही है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने सभापति का स्वागत करते हुए कहा, आप तो सीपी राधाकृष्णन के हमनाम हैं। आशा है आप उनकी तरह व्यवहार करेंगे। उन्होंने सभापति से कहा, आप आसन से ज्यादा उस तरफ न देखें, उसमें खतरा है। आप इधर नहीं देखेंगे, तो भी खतरा है। आप दोनों तरफ संतुलन बनाएंगे तो अच्छा होगा। आप जहां से आए, उसका प्रधानमंत्री ने जिक्र किया, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि आप कांग्रेस के घराने से हैं।
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