मुंबई,01 दिसंबर (आरएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की हवा में भी जहर घुल गया है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गभीर श्रेणी में पहुंच गया है। इसको देखते हुए प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण की पाबंदियां लागू कर दी गई है। ये पाबंदी मझगांव, देवनार, मालाड, बोरीवली ईस्ट, चाकला- अंधेरी ईस्ट, नेवी नगर, पवई और मुलुंड जैसे उच्च-प्रदूषण वाले इलाकों में लागू की गई है।
मुंबई में अब ग्रैप -4 की पाबंदियों के तहत निर्माण और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसी तरह 50 से अधिक निर्माण और रेडी-मिक्स कंक्रीट साइट्स को काम बंद करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा छोटी इंडस्ट्रीज जैसे बेकरी, मार्बल कटिंग यूनिट्स को स्वच्छ प्रक्रियाओं में बदलाव का निर्देश दिया गया है। बता दें कि मुंबई के इन हिस्सों में एक्यूआई का स्तर 300 से अधिक दर्ज किया गया है।
वायु की गुणवत्ता खराब होने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने हर वार्ड में फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात कर दिए हैं, जिनमें इंजीनियर, पुलिसकर्मी और जीपीएस -ट्रैक्ड वाहन शामिल हैं। हालिया निरीक्षण में 70 साइट्स की जांच हुई, जिनमें से 53 नियमों का उल्लंघन करते पाई गई और उन्हें तुरंत नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब बीएमसी अधिकारी इन साइट्स की नियमित जांच करेंगे और अगर वह संचालित पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई कांग्रेस ने हाल ही में मुंबई स्वच्छ वायु कार्य योजना जारी की है, जिसमें स्वच्छ हवा को मौलिक अधिकार घोषित करने, 24म7 मॉनिटरिंग, ग्रीन मुंबई 2030 के तहत 10 लाख पेड़ लगाने और वाहनों, निर्माण और उद्योगों पर सख्त प्रदूषण मानक लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। योजना के अनुसार, एक्यूआई सीमा पार होने पर स्वत: सख्त प्रतिबंध लागू होंगे। इसमें रात में निर्माण रोकना, स्कूलों में एयर प्यूरीफायर अनिवार्य करना आदि शामिल हैं।
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