पटना,01 दिसंबर (आरएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है, जिससे महागठबंधन में हड़कंप मच गया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के कई विधायक एनडीए के संपर्क में हैं और वे एनडीए ज्वाइन करके बिहार का विकास करना चाहते हैं. बता दें कि कांग्रेस के 6 में से 4 विधायक महागठबंधन विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे.
पत्रकारों ने जब चिराग पासवान से पूछा कि क्या कांग्रेस के चार विधायक जेडीयू के संपर्क में हैं, तो उन्होंने किसी भी पार्टी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि कौन किसके साथ जाने की सोच रख रहा है. लेकिन चिराग ने यह जरूर कहा कि विपक्ष के कई नेता एनडीए में शामिल होने के लिए तैयार हैं.
चिराग पासवान ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की सोच और नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज सभी पीएम मोदी की की सोच और नीतीश कुमार के नेतृत्व से जुडऩा चाहते हैं. मैं यह नहीं कहता कि कब कौन किसके साथ जुड़ रहा है. लेकिन विपक्ष जिस तरीके से पूरी तरह से धराशायी हो चुका है. मुझे नहीं लगता कि इस डूबती नाव में कोई अब रहना चाहेगा.
वहीं चिराग पासवान के बयान पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने प्रतिक्रिया देते हुए महागठबंधन में बड़ी टूट की बात को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि ये आरोप 2020 से लगता आया है और लगता रहेगा. वहीं आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने चिराग पासवान पर तंज कसा है.
दरअसल बिहार विधानसभा के 1 दिसंबर से शुरू होने वाले सत्र के लिए 29 नवंबर को महागठबंधन की बैठक पटना में हुई थी. बैठक में तेजस्वी यादव को विधानसभा में महागठबंधन का नेता चुना गया. लेकिन इस बैठक से कांग्रेस के विधायकों ने दूरी बना ली. कांग्रेस के छह में से चार विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए. सिर्फ दो ही एमएलए मीटिंग में पहुंचे थे, इसके बाद से अटकलों का बाजार गर्म है.
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