– महिला सम्मान के मुद्दे पर समाज एकजुट, कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
रतलाम, आरएनएस, 01, दिसम्बर। ब्राह्मण समाज की महिलाओं एवं बहनों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले ढ्ढ्रस् ( आईएएस ) अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ रतलाम में सोमवार को ब्राह्मण समाज द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर रतलाम कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन की शुरुआत रतलाम के प्रमुख धार्मिक स्थल श्री कालिका माता मंदिर से हुई, जहां सुबह से ही समाज के विभिन्न संगठनों, महिला शक्ति, युवा वर्ग और वरिष्ठजनों की भारी उपस्थिति देखी गई। मंदिर परिसर में सभी समाजजन एकत्रित होकर शांतिपूर्ण और संयमित रूप से विरोध दर्ज कराने की तैयारी में जुटे। आचार्यों और समाज के वरिष्ठजनों की प्रेरक अपील के बाद एक बड़ी वाहन रैली के रूप में प्रदर्शन आगे बढ़ा। रैली फव्वारा चौक, जवाहर नगर, न्यू रोड, तथा अन्य मुख्य मार्गों से होती हुई जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां सैकड़ों की संख्या में उपस्थित विप्रजन एक स्वर में विरोध व्यक्त करते दिखाई दिए। रैली के दौरान समाजजनों ने सम्मानजनक गरिमा के साथ प्रदर्शन किया, परंतु नारों के माध्यम से समाज की पीड़ा और आक्रोश स्पष्ट रूप से सामने आया। रैली में महिला सम्मान हमारा अधिकार ब्राह्मण समाज एकता जिंदाबाद जैसे नारे गूंजते रहे।
कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा
रतलाम कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि ढ्ढ्रस् ( आईएएस ) अधिकारी संतोष वर्मा जिम्मेदार पद पर आसीन अधिकारी ने समाज की महिलाओं और बहनों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी जानबुझकर की है। यह केवल एक समाज का नहीं, बल्कि पूरे महिला सम्मान का विषय है। ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इससे सामाजिक समरसता प्रभावित होती है।
ज्ञापन में प्रमुखता से की गई मांग
1) मामले की गंभीरता से जांच कर संबंधित अधिकारी पर उचित एवं कठोर कार्रवाई की जाए।
2) भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
3) समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए महिलाओं की गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
महिला शक्ति की बड़ी भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे उल्लेखनीय बात रही समाज की महिला शक्ति और युवा शक्ति की बड़ी संख्या में सहभागिता। बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल हुईं और उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमारे सम्मान से समझौता कतई स्वीकार नहीं। यदि महिलाएं असुरक्षित या अपमानित महसूस करेंगी, तो समाज चुप नहीं बैठ सकता। युवा वर्ग ने भी उत्साह के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न सबसे महत्वपूर्ण है और इस पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं।
चेतावनी आवश्यकता पड़ी तो उग्र आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज हमेशा शांति, अनुशासन और धैर्य के साथ अपनी बात रखता है, लेकिन यदि मांगों को अनसुना किया और उचित कार्रवाई में देरी हुई तो समाज बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने सभी उपस्थित विप्रजनों, महिला शक्ति एवं युवा साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सामाजिक सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यही एकजुटता समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और यह संदेश देता है कि समाज अपनी गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव जागरूक और संगठित है।
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